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Srinagar News: झूमते हुए निकले शिवभक्त, बारिश को माना भोले का प्रसाद

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गांदरबल के बालटाल से निकले अमरनाथ यात्री। संवाद
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- बम-बम भोले के जयघोष से गूंजी घाटी, चंदनवाड़ी से जोश के साथ शुरू की यात्रा
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अजीम यूसुफ
श्रीनगर। बम-बम भोले और जय बाबा बर्फानी के गगनभेदी उद्घोष के बीच पवित्र अमरनाथ यात्रा 2026 का आगाज शुक्रवार सुबह हुआ। तेज बारिश से यात्रा में विलंब हुआ लेकिन भोले के भक्तों ने इसे बाबा का प्रसाद बताया। वहीं श्रद्धालुओं ने प्रशासन की व्यवस्थाओं और सुरक्षा के इंतजामों पर भी संतुष्टि जताई।
पहलगाम स्थित नुनवान बेस कैंप पर भोर तीन बजे से ही श्रद्धालु कतारों में खड़े होने शुरू हो गए थे। अलसुबह आई तेज बारिश के बाद प्रशासन ने यात्रियों से अपने स्थानों पर वापस जाने की अपील की लेकिन श्रद्धालु विचलित नहीं हुए। सुबह करीब 5 बजे उपायुक्त डॉ. बिलाल मोहिउद्दीन भट और एसएसपी अमोद अशोक नागपुरे ने झंडी दिखाकर श्रद्धालुओं को रवाना किया।
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शिवभक्तों का पहला जत्था नुनवान आधार शिविर से पूरी मस्ती में झूमता हुआ चंदनवाड़ी के लिए रवाना हुआ। सुबह से जारी रिमझिम फुहारों और सर्दी के बावजूद भक्तों की आस्था के आगे मौसम बेअसर साबित हुआ। चंदनवाड़ी में कड़े सुरक्षा घेरे और अनिवार्य आरएफआईडी कार्ड की जांच के बाद भक्तों ने चंदनवाड़ी से हिमालय में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा के लिए अपनी चढ़ाई शुरू कर दी।



मौसम की चुनौती पर भारी पड़ी आस्था
सुबह से ही पहलगाम, नुनवान और चंदनवाड़ी के इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। आमतौर पर ऐसे मौसम में लोग बाहर निकलने से बचते हैं लेकिन यहां का माहौल बिल्कुल शिवमय नजर आया। रंग-बिरंगे रेनकोट पहने श्रद्धालु चंदनवाड़ी की तरफ बढ़ते दिखाई दिए।
आगरा से पत्नी व अन्य परिजन के साथ आए सुनील शर्मा ने कहा कि भोले की कृपा से ही हम यहां आए हैं। बारिश तो भोले बाबा को काफी पसंद थी। अब उनके दर्शन के लिए जा रहे हैं। गोरखपुर से आए श्रद्धालु राकेश मिश्रा ने अपने कंधे पर भगवा झंडा लहराते हुए कहा, जब भोलेनाथ का बुलावा आ गया तो यह बारिश हमारा रास्ता कैसे रोक सकती है। पहाड़ों से गिरती ये रिमझिम बूंदें हमारे लिए कोई बाधा नहीं बल्कि बाबा का पवित्र प्रसाद और आशीर्वाद हैं।




चंदनवाड़ी से मुख्य दुर्गम चढ़ाई का शंखनाद

नुनवान शिविर से हरी झंडी दिखाए जाने के बाद श्रद्धालुओं का काफिला पारंपरिक मार्ग से होते हुए चंदनवाड़ी पहुंचा। यहीं से शेषनाग, महागुनस टॉप और पंचतरणी होते हुए पवित्र गुफा तक जाने वाली 48 किलोमीटर लंबी मुख्य पैदल चढ़ाई शुरू होती है। चंदनवाड़ी पहुंचते ही स्थानीय कश्मीरी सेवादारों और छड़ी कमेटियों ने फूलों की वर्षा कर यात्रियों का स्वागत किया। पहली बार यात्रा पर आईं मध्य प्रदेश की सुनीता शर्मा ने भावुक होकर बताया, मैं पहली बार अपने पूरे परिवार के साथ आई हूं। चंदनवाड़ी से आगे का पहाड़ देखकर थोड़ा डर लग रहा था लेकिन यहां आकर भक्तों का जोश और स्थानीय कश्मीरी भाइयों का प्यार देखकर सारा डर गायब हो गया। अब तो बस बाबा के साक्षात स्वरूप को आंखों में बसाने की जल्दी है।




प्रशासन के चाक-चौबंद इंतजाम, पिछले साल से भी बेहतर व्यवस्था
श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड और स्थानीय जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा किए गए इंतजामों की यात्रियों ने मुक्तकंठ से सराहना की है। रास्ते भर वाटरप्रूफ टेंट, ऑक्सीजन बूथ और मेडिकल सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इसके साथ ही, विशाल लंगरों में भक्तों को गरम भोजन, मेवे और चाय परोसी जा रही है।
दिल्ली के व्यापारी अमन मल्होत्रा जो पिछले पांच सालों से लगातार आ रहे हैं, ने व्यवस्थाओं पर कहा, इस बार प्रशासन की तैयारियां सचमुच तारीफ के काबिल हैं। नुनवान से चंदनवाड़ी तक कदम-कदम पर मोबाइल मेडिकल वैन और स्वच्छता कर्मी तैनात हैं। स्वास्थ्य विभाग के लोग हर पड़ाव पर हमारी ऑक्सीजन जांच कर रहे हैं। रहने के लिए वाटरप्रूफ टेंटों की इतनी उत्तम व्यवस्था मैंने पहले कभी नहीं देखी।
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भक्त बोले-हम खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर रहे हैं
यात्रा को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए पूरी घाटी में त्रि-स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, आईटीबीपी और भारतीय सेना के जवान चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद हैं। इसके अलावा, संवेदनशील इलाकों पर ड्रोन और अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों से पैनी नजर रखी जा रही है। सुरक्षा बलों के सहयोगात्मक व्यवहार पर गुजरात के रहने वाले युवा श्रद्धालु केतन पटेल ने सुरक्षा बलों के प्रति आभार जताते हुए कहा, सुरक्षा बल केवल हमारी रक्षा ही नहीं कर रहे बल्कि मदद भी कर रहे हैं। सेना, सीआरपीएफ और पुलिस के जवानों का यह दोस्ताना व्यवहार देखकर दिल गर्व से भर जाता है। इतने सुरक्षित माहौल में हमें ऐसा लग रहा है जैसे हम अपने घर में ही यात्रा कर रहे हैं।
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