21 हजार से अधिक उड़ानें हुईं संचालित, अप्रैल में सबसे ज्यादा एयर ट्रैफिक रहा
पहलगाम हमले के बाद यात्रियों की संख्या में गिरावट आई
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। एयरपोर्ट प्रबंधन बताया कि श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से जनवरी से 21 दिसंबर 2025 के बीच 35.26 लाख यात्रियों ने सफर किया है और 21,576 उड़ानें संचालित हुई हैं। यह साल टूरिज्म में तेजी, मौसम की चुनौतियों और पहलगाम हमले के बाद अस्थायी रूप से रूट बंद होने से भरा रहा।
आधिकारिक आंकड़े से महीने के हिसाब से एक साफ पैटर्न पता चलता है कि अप्रैल तक लगातार बढ़ोतरी, मई और जून में तेजी से गिरावट हुई जिसके बाद साल के आखिर तक धीरे-धीरे रिकवरी हुई।
वर्ष 2025 का मासिक वार एयर ट्रैफिक का सारांश
जनवरी: 1,966 उड़ानें संचालित और 3,47,040 यात्रियों ने यात्रा की।
फरवरी: 1,894 उड़ानें संचालित और 3,34,264 यात्रियों ने यात्रा की।
मार्च: 2,220 उड़ानें संचालित और 3,81,559 यात्रियों ने यात्रा की, जिससे शुरुआती वसंत में बढ़ोतरी हुई।
अप्रैल: 2,872 उड़ानें संचालित और 4,69,902 यात्रियों ने यात्रा की, जिससे यह पर्यटन का सबसे व्यस्त महीना रहा।
मई: 1,160 उड़ानें संचालित और 1,65,863 यात्रियों ने यात्रा की। पहलगाम हमले के बाद गिरावट शुरू हुई।
जून: 1,492 उड़ानें संचालित और 2,41,305 यात्रियों ने यात्रा जारी की। इस महीने भी मंदी जारी रही।
जुलाई: 1,992 उड़ानें संचालित और 3,01,384 यात्रियों ने यात्रा की। धीरे-धीरे रिकवरी के संकेत दिखे।
अगस्त: 1,776 उड़ानें संचालित और 2,61,562 यात्रियों ने यात्रा की। ऑपरेशन स्थिर हुए।
सितंबर: 1,646 उड़ानें संचालित और 2,75,945 यात्रियों ने यात्रा की। अक्टूबर: 1,818 उड़ानें संचालित और 2,89,311 यात्रियों ने यात्रा की। सर्दियों से पहले सामान्य प्रवाह।
नवंबर: 1,698 उड़ानें संचालित हुई और 2,83,563 यात्रियों ने यात्रा की। लगभग सामान्य ट्रैफिक।
दिसंबर 1 से 21 दिसंबर तक 1,042 उड़ानें संचालित और 1,74,706 यात्रियों ने यात्रा की। सर्दियों में कम ऑपरेशन।
पहलगाम घटना से पहले और बाद: एयर ट्रैफिक में बदलाव
आंकड़ों से पता चलता है कि अप्रैल के अंत में हमले तक श्रीनगर एयरपोर्ट की पूरी कनेक्टिविटी थी जिसमें देहरादून और लखनऊ के रूट भी शामिल थे। हमले के बाद इन सेक्टरों को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया जिससे यात्रियों की संख्या में काफी गिरावट आई। अप्रैल में एयरपोर्ट से लगभग 4.7 लाख यात्रियों ने यात्रा की जो साल में सबसे ज्यादा थी। हालांकि मई तक यह संख्या 64 प्रतिशत से ज़्यादा गिरकर 1.65 लाख हो गई।
जुलाई तक एयर ट्रैफिक 3 लाख से ज़्यादा हो गया जो फिर से शुरू हुए टूरिज्म और दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चंडीगढ़ और अमृतसर जैसे रूटों पर लगातार घरेलू यात्रा से जल्दी रिकवरी का संकेत देता है। एक अधिकारी ने बताया कि पहलगाम घटना के बाद कुछ समय की गिरावट को छोड़कर पूरे साल ऑपरेशन काफी हद तक स्थिर रहे। उन्होंने आगे कहा कि एयरलाइंस, सीआईएसएफ और एटीसी टीमों ने ''''हाई एल्टीट्यूड वेदर'''' और ऑपरेशनल तनाव के बावजूद सुचारु कामकाज सुनिश्चित किया।