श्रीनगर। आवामी इत्तिहाद पार्टी (एआईपी) के मुख्य प्रवक्ता इनाम उन नबी ने मनरेगा में संशोधनों के खिलाफ शनिवार को शांतिपूर्ण धरने की अनुमति न देने के लिए प्रशासन की कड़ी निंदा की। उन्होंने इस कदम को असंवैधानिक और शांतिपूर्ण विरोध के संवैधानिक अधिकार पर हमला करार दिया।
उन्होंने कहा कि पार्टी के लंगेट के विधायक शेख खुर्शीद, पार्टी प्रवक्ता पीरजादा फिरदौस बाबा और डीडीसी मुज्जफर डार के अलावा अन्य नेताओं को उनके घरों में नजरबंद किया गया जिसकी उन्होंने कड़े शब्दों में निंदा की और इसे लोगों की समस्याओं को लेकर उठने वाली आवाज को दबाने का जानबूझ कर प्रयास बताया।
उन्होंने कहा कि कई ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब लोगों का जीवन इस पर निर्भर है। मनरेगा के तहत रोजगार, वेतन और नौकरी से संबंधित मुद्दों को उठाना अपराध नहीं है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से किए जा रहे धरना प्रदर्शन को दबाना सही नहीं है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता ने प्रशासन से जिम्मेदारी पूर्वक कार्य करने और सोमवार को बारामुला में प्रस्तावित शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति देने का अनुरोध किया। संवाद