कुलगाम में सब्जियों की खेती। संवाद
- पारंपरिक धान की फसल से हटकर सब्जी की खेती को बढ़ावा, रोजाना 7-8 हजार तक की कमाई
संवाद न्यूज एजेंसी
कुलगाम। जिले के काजीगुंड बेल्ट के वानीगुंड गांव में खेती का नजारा बदल रहा है। यहां किसान अब पारंपरिक धान की खेती छोड़कर उच्च मूल्य वाली सब्जियों की खेती की ओर बढ़ रहे हैं। यह गांव तेजी से सब्जी उत्पादन केंद्र के रूप में उभर रहा है। विशेषकर महिलाएं सब्जी की खेती में अधिक रुचि दिखा रही हैं।
स्थानीय किसानों का कहना है कि इस बदलाव से उनकी आय में भारी इजाफा हुआ है। पीक सीजन में कुछ किसान रोजाना सात से आठ हजार तक कमा रहे हैं। वानीगुंड की महिला किसान फहमीदा ने बताया कि गांव में खीरा, हरी मिर्च, बैंगन और अन्य मौसमी सब्जियों की बड़े पैमाने पर खेती हो रही है। सीजन के दौरान इलाके में 50 से 60 क्विंटल सब्जी का उत्पादन होता है। फहमीदा ने कहा पहले बड़े पैमाने पर धान की खेती होती थी, लेकिन अब सब्जी की खेती ज्यादा मुनाफे वाली है। धान की खेती घट गई है क्योंकि सब्जियों से बेहतर रिटर्न मिलता है और रोजी-रोटी स्थिर हो गई है।
किसानों का मानना है कि अनुकूल मौसम, उपजाऊ जमीन और बढ़ती बाजार मांग के कारण ज्यादा परिवार सब्जी की खेती अपना रहे हैं। इस बदलाव से न सिर्फ घरेलू आय बढ़ी है बल्कि रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं, खासकर खेती में सक्रिय महिलाओं के लिए। ग्रामीणों ने संबंधित विभागों से अपील की है कि इलाके में बेहतर सिंचाई सुविधा, गुणवत्तापूर्ण बीज और मार्केटिंग सपोर्ट मुहैया कराया जाए ताकि सब्जी की खेती को और बढ़ावा मिल सके और ज्यादा किसानों को इसका लाभ मिले।