श्रीनगर में डल किनारे सतीसर धाम में परिक्रमा के लिए आदि शंकराचार्य की मूर्ति को लेकर आए पुरोहित
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- आज अक्षय तृतीया के अवसर पर शंकराचार्य मंदिर में होगा रुद्राभिषेक और हवन
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। शंकराचार्य मंदिर में शनिवार को आदि शंकराचार्य का अवतरण महोत्सव का शुभारंभ किया गया। इस दौरान पुरोहित और श्रद्धालु मंदिर में स्थापित उनकी प्रतिमा को डल गेट स्थित सतीसर में परिक्रमा के लिए लेकर आए और शाम को मंदिर में वापस स्थापित किया। अक्षय तृतीया के अवसर पर रविवार को सुबह सात बजे शंकराचार्य मंदिर में रुद्राभिषेक और हवन होगा।
महोत्सव के आयोजकों में से एक विधु शर्मा ने बताया कि आदि शंकराचार्य के अवतरण के दिन को मनाने के लिए शंकराचार्य मंदिर में अवतरण महोत्सव मनाया जा रहा है। इसका शुभारंभ शनिवार को शंकराचार्य मंदिर से किया गया। यहां पिछले साल 30 अप्रैल को स्थापित आदि शंकराचार्य की अष्टधातु की मूर्ति को डल गेट पर बनाए गए सतीसर धाम की परिक्रमा के लिए लाया गया। इस दौरान मंदिर के मंहत, पुरोहित और अन्य श्रद्धालु उपस्थित थे।
यहां स्वामी गोविंदाचार्य जी ने पूजन कराया। इसके बाद शाम को प्रतिमा को वापस मंदिर में स्थापित कर दिया गया। रविवार को सुबह शंकराचार्य मंदिर में सुबह सात बजे रुद्राभिषेक और हवन होगा। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया जाएगा। अवतरण महोत्सव 22 अप्रैल तक चलेगा। 22 अप्रैल को टीटवाल स्थित मंदिर में कार्यक्रम के बाद इसका समापन होगा।