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Leh: सोनम वांगचुक की पत्नी ने पाकिस्तान लिंक के आरोपों को किया खारिज, बताया क्यों भड़की हिंसा

Sun, 28 Sep 2025 04:30 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, लेह

सार

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने उनके खिलाफ लगाए गए पाकिस्तान लिंक और वित्तीय अनियमितता के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया और हिंसा भड़कने के लिए सीआरपीएफ की कार्रवाई को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि वांगचुक ने हमेशा शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से प्रदर्शन किया है और उनके खिलाफ लगाए आरोप गलत हैं।
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सोनम वांगचुक - फोटो : Instagram
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विस्तार
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सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने उनके खिलाफ लगाए गए पाकिस्तान लिंक और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उन्होंने वांगचुक पर हिंसा भड़काने के आरोप को गलत बताते हुए कहा कि वह हमेशा गांधीवादी तरीके से शांतिपूर्ण विरोध करते रहे हैं और 24 सितंबर को हिंसा सीआरपीएफ के कदमों की वजह से भड़क उठी।

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सोनम वांगचुक को चार सितंबर को लद्दाख में छठी अनुसूची और स्टैट्हुड की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद एनएसए के तहत गिरफ्तार किया गया है। इस हिंसा में चार लोग मारे गए और 90 से अधिक घायल हुए थे। वांगचुक को राजस्थान के जोधपुर जेल में रखा गया है।

गीतांजलि ने पीटीआई से फोन पर बातचीत में कहा कि गिरफ्तारी के बाद से उनसे संपर्क नहीं हो पाया है और अभी तक गिरफ्तारी आदेश की प्रति भी नहीं मिली है। वांगचुक की पाकिस्तान यात्रा पेशेवर और जलवायु परिवर्तन के विषय पर थी, न कि किसी संदिग्ध गतिविधि के लिए।
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उन्होंने यह भी बताया कि वांगचुक और वे दोनों कई अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लेते रहे हैं, जिनमें संयुक्त राष्ट्र द्वारा आयोजित जलवायु परिवर्तन सम्मेलन भी शामिल है। उन्होंने पाकिस्तान में हुए 'Breathe Pakistan' सम्मेलन और आईसीआईएमओडी जैसे संगठनों के साथ सहयोग को भेदभावपूर्ण तरीके से पेश करने पर आपत्ति जताई।

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गीतांजलि ने एनएसए के तहत गिरफ्तारी को गलत बताया और कहा कि उनका पति शांति और अहिंसा का मार्ग अपनाते हुए सरकार से लद्दाख के लिए किए गए वादों को याद दिलाते रहे हैं। आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान हिंसा सीआरपीएफ द्वारा आंसू गैस चलाने के बाद भड़क उठी, जबकि वांगचुक को गैर-शांतिपूर्ण गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं थी।

वांगचुक के कथित अपमानजनक भाषण के आरोपों को भी उन्होंने गलत बताया और कहा कि उनके शब्दों को गलत संदर्भ में पेश किया गया है। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि जो व्यक्ति भारतीय सेना के लिए शेल्टर बनाने और चीनी सामान के बहिष्कार की बात करता है, उसे कैसे देशद्रोही ठहराया जा सकता है।

वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर गीतांजलि ने अपने संस्थान हिमालयन इंस्टिट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव लर्निंग की विदेश से मिली फंडिंग की स्पष्ट सफाई दी और कहा कि यह दान नहीं बल्कि तकनीकी सेवाओं के लिए भुगतान है। कहा कि संस्था द्वारा छात्रों से कोई फीस नहीं ली जाती और संचालन के खर्चे नवाचारों के जरिए जुटाए जाते हैं।
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यूजीसी पंजीकरण की प्रक्रिया अभी भी लंबित है और भूमि आवंटन भी प्रशासन की दिक्कतों के कारण नहीं हो पाया है। स्पष्ट किया कि वांगचुक विकास के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि वे स्थानीय लोगों को निर्णय प्रक्रिया में शामिल करने वाले ‘माइंडफुल डेवलपमेंट’ की पैरवी करते हैं।

चार सितंबर की हिंसा के बाद केंद्र सरकार ने वांगचुक के द्वारा स्थापित एसईसीएमओएल का एफसीआरए लाइसेंस रद्द कर दिया था, जिसके बाद वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे थे।
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