अनशन शुरू करने से पहले सोनम वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत डिपके के साथ राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद दो मिनट का मौन रखकर प्रदर्शन की शुरुआत की गई।
जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र, युवा, किसान नेता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान सोनम वांगचुक ने कहा कि शिक्षा पिछले 40 वर्षों से उनके जीवन का महत्वपूर्ण विषय रही है और जब युवा शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं तो उनका समर्थन करना उनका कर्तव्य है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि बच्चों का भविष्य संवारना और देश को सही दिशा देना होना चाहिए। वांगचुक ने यह भी कहा कि जब व्यवस्था में जवाबदेही नहीं होती, तब लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध ही एकमात्र रास्ता बचता है।
प्रदर्शन के दौरान कई किसान संगठनों ने भी समर्थन दिया। वहीं, जयपुर के एक स्कूल में छात्रा की मौत के मामले में न्याय की मांग कर रहे परिजन भी आंदोलन में शामिल हुए। परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर यह आंदोलन 20 जून से जंतर-मंतर पर जारी है, जिसमें सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है।