बीआरओ ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सलाह दी है कि केवल 4x4 वाहन ही इस मार्ग पर चलाएं और टायर चेन साथ रखें। हाईवे फंसने की स्थिति में निकटतम बीआरओ डिटैचमेंट तक पहुंचने की सलाह दी गई है। लेह की ओर से पांच प्रमुख डिटैचमेंट-उप्शी, रुम्तसे, दिब्रिंग, पांग और सरचू-आपातकालीन सहायता के लिए रणनीतिक रूप से तैनात हैं।
हालांकि हाईवे पर फिलहाल एंबुलेंस पेट्रोलिंग उपलब्ध नहीं है, लेकिन बीआरओ डिटैचमेंट्स में प्राथमिक चिकित्सा और अन्य सुविधाएं मौजूद हैं। यदि कोई यात्री एक चेक पोस्ट पर एंट्री करता है लेकिन अगले चेक पोस्ट पर एग्जिट दर्ज नहीं होता, तो बचाव दल तुरंत उसकी तलाश में भेजा जाता है।
लेह-मनाली हाईवे का खुलना केवल प्रशासनिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह लद्दाख के लिए जीवनरेखा है। यह आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करता है, स्थानीय लोगों को सहारा देता है और पर्यटन को बढ़ावा देता है। बीआरओ की टीमों की मेहनत और मौसम की स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हैं, जो तय करेगी कि यह महत्वपूर्ण मार्ग कब पूरी तरह बहाल होगा।
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