फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आसिम मुनीर की 'गीदड़ भभकी' में साजिश की आहट: पाकिस्तान की नई चाल का संकेत, एलओसी पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त

Wed, 08 Jul 2026 12:22 PM IST
Nikita Gupta अभिषेक राज अमर उजाला, नेटवर्क श्रीनगर

सार

पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर के सिंधु जल संधि पर दिए बयान के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू-कश्मीर में एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ की आशंका के मद्देनजर चौकसी बढ़ा दी है। बीएसएफ ने सांबा और कठुआ सेक्टर में एंटी-टनल अभियान तेज करते हुए निगरानी और तकनीकी सर्विलांस को और मजबूत किया है।
विज्ञापन
आसीम मुनीर के सिंधु जल संधि पर दिए बयान - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में बढ़ते जनविरोध और बिगड़ते हालात के बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने भारत को घुड़की दिखाई है। रावलपिंडी स्थित जनरल मुख्यालय (जीएचक्यू) में सोमवार को आयोजित कोर कमांडर्स सम्मेलन में मुनीर ने सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पाकिस्तान इस मसले पर हर स्तर पर प्रयास करेगा। सुरक्षा एजेंसियां इस बयान को जम्मू-कश्मीर से लगी नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर घुसपैठ बढ़ाने के संभावित संकेत के रूप में देख रही हैं।

विज्ञापन

एजेंसियों के अनुसार पीओके के आंतरिक हालात से ध्यान भटकाने और सीमा पर तनाव बढ़ाने के लिए पाकिस्तान सीमावर्ती क्षेत्रों में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने की कोशिश कर सकता है। इसी आशंका के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर में एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।

सेना ने संवेदनशील क्षेत्रों में तलाशी अभियान तेज कर दिया है। सभी सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरंगों के जरिए संभावित घुसपैठ रोकने के लिए विशेष एंटी टनल अभियान शुरू किया है। सांबा और कठुआ सेक्टर में सुरंगों के जरिए आतंकियों की संभावित घुसपैठ की आशंका को देखते हुए मंगलवार से निगरानी और तकनीकी सर्विलांस बढ़ा दिया गया है। भूमिगत हलचलों पर नजर रखी जा रही है। 

सबसे संवेदनशील क्षेत्र
अब तक सार्वजनिक रूप से सामने आए अधिकांश सुरंगों के मामले सांबा, कठुआ और जम्मू सेक्टर से जुड़े रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, ये सुरंगें प्रायः पाकिस्तान रेंजर्स की चौकियों के निकट से भारतीय सीमा की ओर बनाई जाती हैं, ताकि सीमा पर लगी बाड़ और निगरानी तंत्र को दरकिनार किया जा सके। इनको आतंकियों की घुसपैठ, हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थों की तस्करी के लिए किया जाता रहा है।

मुनीर के मंसूबे नाकाम होंगे : ब्रिगेडियर जमवाल
सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर राजेंद्र सिंह जमवाल का कहना है कि पाकिस्तान की सेना लंबे समय से आतंकवाद को रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करती रही है, लेकिन अब उसकी गुंजाइश लगातार सीमित होती जा रही है। उनके अनुसार सुरक्षा एजेंसियां पूरे आतंकी नेटवर्क, सीमा पार की संदिग्ध गतिविधियों और संभावित घुसपैठ के प्रयासों पर लगातार नजर रखे हुए हैं। पाकिस्तान नए-नए तरीके अपनाने की कोशिश कर सकता है, लेकिन केंद्र सरकार की सख्त सुरक्षा नीति, तकनीकी निगरानी और सुरक्षा बलों की समन्वित कार्रवाई के चलते उसके मंसूबों को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
विज्ञापन

संयुक्त तलाशी अभियान शुरू
सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट के आधार पर जम्मू-कश्मीर में सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने कई संवेदनशील क्षेत्रों में संयुक्त तलाशी एवं घेराबंदी अभियान (कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन) तेज कर दिया है। शोपियां, राजोरी व डोडा में संभावित घुसपैठ के इनपुट के बाद सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं। शोपियां में लश्कर-ए-ताइबा के आतंकियों की मौजूदगी के इनपुट मिले हैं। राजोरी क्षेत्र में संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने की सूचना के बाद भी तलाशी अभियान चलाया गया। पलनवाला और एलओसी से लगे नदी-नालों वाले मार्गों पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें