राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) कश्मीर ने शनिवार को स्लीपर सेल मॉड्यूल से संबंधित 11 संदिग्धों के घरों पर छापे मारे। तलाशी में कुछ घरों से आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई। एसआईए ने कई संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया है।
एसआईए के अनुसार, शनिवार सुबह मध्य और उत्तरी कश्मीर में करीब 11 स्थानों पर व्यापक छापे मारे गए। यह कार्रवाई पी/एस सीआई/एसआईए कश्मीर के मामले में कार्यकारी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में की गई। प्रारंभिक जांच से स्पष्ट रूप से पता चला है कि ये आतंकी मददगार आतंकवादी साजिश में सक्रिय रूप से शामिल हैं।
भारत विरोधी बयानों का प्रचार और प्रसार कर रहे हैं। इसका उद्देश्य न केवल भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को चुनौती देना है, बल्कि असंतोष, सार्वजनिक अव्यवस्था और सांप्रदायिक घृणा को भड़काना भी है।
युवा आ रहे चपेट में
एजेंसी के अनुसार, अब तक जांच में पता लगा हैं कि ऑनलाइन कट्टरपंथ में शामिल अधिकांश व्यक्ति 18 से 22 वर्ष के और संवेदनशील आयु वर्ग के हैं। इसलिए शिक्षकों, अभिभावकों और साथियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। हालांकि, निरंतर निगरानी हमेशा संभव नहीं हो सकती है, लेकिन उन्हें युवाओं की ऑनलाइन गतिविधियों के प्रति सतर्क रहना चाहिए। यदि संदिग्ध व्यवहार दिखाई देता है तो समय पर मार्गदर्शन प्रदान करना चाहिए।
- यदि आवश्यक हो तो मामले की सूचना स्थानीय पुलिस अधिकारियों को दी जानी चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसे युवाओं को उचित हस्तक्षेप और परामर्श मिले।