शोपियां। जिले में हो रही पेड़ों की अवैध कटाई से पर्यावरण को काफी नुकसान हो रहा है। वहीं विशेषज्ञ बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई और वन क्षेत्रों के प्रदूषण को देरी और कम बर्फबारी के प्रमुख कारण के रूप में बता रहे हैं। डीएफओ पेड़ों की अवैध कटाई की शिकायत के बाद डीएफओ ने जांच का आश्वासन दिया है।
स्थानीय लोगों ने इस पर गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि किकर जिसे स्थानीय रूप से पाताल कहा जाता है की कटाई जिन्हें मिट्टी संरक्षण और पारिस्थितिकी स्थिरता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। हाल ही में शोपियां जिले के सदो के जंगल क्षेत्रों में दर्जनों किकर के पेड़ काटे गए हैं। स्थानीय लोगों ने अधिकारियों पर जंगल क्षेत्रों की निगरानी और सरंक्षण में विफल रहने का आरोप लगाया है।
इस संदर्भ में डिवीजनल फॉरेस्ट ऑफिसर शोपियां ने कहा कि इस मामले की पूरी तरह से जांच की जाएगी और पेड़ों की कटाई करने में शामिल दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। संवाद