श्रीनगर/कुपवाड़ा। कुपवाड़ा जिले के करनाह में जब्त की गई दस किलो हेरोइन के मामले में पुलिस ने नारको टेरर मॉड्यूल के लिए काम करने वाले स्थानीय लोगों की तलाश शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान की लगातार कोशिश रही है कि कश्मीर और पंजाब के बॉर्डर इलाकों में नारको-टेररिज्म को बढ़ावा दिया जाए। तस्करी के बाद इन ड्रग्स से जो पैसा आता है उससे पाकिस्तान में बैठे आका कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए इसे इस्तेमाल में लाते हैं। सेना के अनुसार पाकिस्तानी सेना तस्करों को धकेलने में मदद करती है ताकि ड्रग्स के बदले पैसा कमाया जा सके और आतंकी संगठनों को मदद मिल सके। भारत और पाकिस्तान के बीच डीजीएमओ स्तर पर भले ही युद्धविराम का समझौता हुआ है। बावजूद पाकिस्तान लगातार घाटी में शांति भंग करने की कोशिश में है। संघर्षविराम उल्लंघन से फायरिंग तो रुकी हुई है लेकिन पाकिस्तान नारको-टेररिज्म का सहारा ले रहा है, ताकि घाटी में आतंकवाद को जिंदा रखा जाए।