महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारंपरिक संगीत के अलावा साइकिलिंग, रॉक क्लाइंबिंग, पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग जैसी गतिविधियां आकर्षण का केंद्र रहीं। इस बार साइकिलिंग और रॉक क्लाइंबिंग जैसी कुछ नई गतिविधियों को भी शामिल किया गया।
महोत्सव में स्थानीय हस्तशिल्प, जैविक उत्पाद और पारंपरिक खाद्य पदार्थों के स्टॉल लगाए गए। लोगों को क्षेत्र की पारंपरिक संस्कृति और खान-पान से परिचित कराने के लिए पुराने तरीके से पारंपरिक व्यंजन स्क्यू भी तैयार किया गया।
तैसुरु निर्वाचन क्षेत्र के काउंसलर अब्दुल हादी ने कहा कि महोत्सव का उद्देश्य स्थानीय संस्कृति और खान-पान को बढ़ावा देने के साथ पर्यटन को बढ़ावा देना भी है। उन्होंने कहा कि नई साहसिक गतिविधियों से युवाओं और पर्यटकों की रुचि बढ़ेगी।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, फेस्टिवल से क्षेत्र के ग्रामीणों को आर्थिक फायदा भी हुआ। पर्यटकों की बढ़ती संख्या से खाद्य स्टॉल, होटल, गेस्टहाउस और होमस्टे संचालकों के कारोबार में अच्छी बढ़ोतरी हुई।
नून-कुन पर्वत श्रृंखला और सुरू नदी की खूबसूरत पृष्ठभूमि के बीच अंतिम सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ फेस्टिवल का समापन हुआ। आयोजकों ने अगले साल इसके तीसरे संस्करण को और बड़े स्तर पर आयोजित करने और नई गतिविधियां जोड़ने की उम्मीद जताई।