नए स्थानों से होगी कश्मीर की पहचान
शेखावत ने कहा कि केंद्र, राज्य सरकार और विश्व बैंक मिलकर नए पर्यटन स्थलों के विकास पर काम कर रहे हैं, जिसकी वजह से आने वाले समय में कश्मीर की पहचान केवल गुलमर्ग और पहलगाम तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि नए स्थानों से भी होगी, जो युवाओं के लिए रोजगार और अवसर दोनों लेकर आएंगे। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे कश्मीर के पर्यटन को स्थायी और विकेंद्रीकृत बनाने की जिम्मेदारी लें।
भारत जल्द बनेगा तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज भारत जिस तरह आगे बढ़ रहा है उससे आने वाले कुछ वर्षों में भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने से कोई नहीं रोक सकता है। जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने सार्थक प्रयास किए हैं, उसके चलते कुछ ही वर्षों में देश में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं।
जब कोई देश इस दिशा में आगे बढ़ता है तो उसमें सबसे बड़ी जिम्मेदारी या तो शिक्षण संस्थानों की होती है या उस शिक्षण संस्थान द्वारा सृजित यूथ की होती है। उन्होंने भरोसा जताया कि इसी के परिणाम स्वरूप भारत विश्व पटल पर अपनी उपस्थिति को मजबूत करता जाएगा।
विश्वग्राम के कार्यक्रम का रंगारंग समापन
विश्वग्राम की अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे दिन के सत्र वीरवार को कश्मीर यूनिवर्सिटी में हुए। यूनिवर्सिटी में सुबह 9 बजे से 10 बजे तक पंजीकरण चला जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने संगोष्ठी के लिए पंजीकरण कराया। सुबह 10 से 11 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों ने मन मोह लिया।
सुबह 11 से दोपहर 12:15 बजे तक चौथा सत्र युवा निर्माण पर हुआ। पांचवां सत्र दोपहर 12:15 से 1:15 तक शांति, सुरक्षा, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक दायित्व पर हुआ। इसमें वक्ताओं ने मौजूद विद्यार्थियों से राष्ट्र के निर्माण में अपने दायित्व को पहचाने पर जोर दिया। छठा सत्र दोपहर 2:15 से 3:15 तक स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत पर और सातवां सत्र दोपहर 3:15 बजे हुआ। समापन समारोह में अतिथियों का सम्मान किया गया और आयोजकों की ओर से धन्यवाद ज्ञापित किया गया।