श्रीनगर में ग्रेनेड हमले के बाद कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने केंद्रीय सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाया, जबकि पूर्व उपमुख्यमंत्री कवींद्र गुप्ता ने स्थानीय संलिप्तता को आतंकवादी हमलों का कारण बताया।
हाल ही में श्रीनगर में हुए ग्रेनेड हमले के संदर्भ में कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है। केंद्रीय सरकार द्वारा बड़े-बड़े दावे किए गए और आश्वासनों के साथ ढिंढोरा पीटा गया। श्रीनगर में लगातार हमले हो रहे हैं और केंद्र चुपचाप बैठा है।
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इस बीच, जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री कवींद्र गुप्ता ने हालिया आतंकवादी हमलों पर अपनी राय दी। उन्होंने कहा, इसके पीछे दो कारण हैं। पहले, हमें यह स्वीकार करना होगा कि कहीं न कहीं स्थानीय स्तर पर भी संलिप्तता है। ऐसे स्थानों की तलाश की जा रही है जो लोगों के बीच हिंसा और अशांति का माहौल बना सकें। इस प्रकार की घटनाए पिछले तीन वर्षों में कश्मीर में नहीं हुई हैं।
सुरक्षा बल अपना काम कर रहे हैं, लेकिन जब स्थानीय लोगों की संलिप्तता होती है, तो यह अधिक चिंता का विषय बन जाता है। राजनीतिक नेताओं के बयान उन लोगों (आतंकवादियों) को ताकत देते हैं। मेरा मानना है कि इसे थोड़ा टाला जाना चाहिए और आज जो लोग सत्ता में हैं, उन्हें भी जिम्मेदारी से काम करना चाहिए। नेताओं का मानना है कि स्थानीय संलिप्तता और राजनीतिक बयानों को समझदारी से संबोधित किया जाना चाहिए ताकि आतंकवाद की समस्या को प्रभावी तरीके से हल किया जा सके।