लखनपुर और माधोपुर के बीच क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत का काम।
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आठ महीने के लंबे इंतजार के बाद अब जम्मू से पठानकोट के बीच ट्रेनों का संचालन पूरी स्पीड और बिना रूकावट हो सकेगे। रेलवे ने आठ महीने के रिकार्ड समय में रावी दरिया के पुल नंबर 17 का निर्माण पूरा कर लिया है।
रेलवे का दावा है कि इसके साथ ही, इस क्षेत्र के सभी प्रमुख पुल पूरी तरह से चालू हो गए हैं। इससे जम्मू संभाग में ट्रेनों की समय-पाबंदी और कनेक्टिविटी में काफी सुधार होने जा रहा है। रावी पुल पर एक ही ट्रैक के चलने से आम तौर पर एक ट्रेन का 30 मिनट से लेकर एक घंटे का समय इस जंक्शन पर ही क्रॉसिंग के लिए देरी की वजह बनता रहा। दरअसल, 26 अगस्त 2025 की रात बाढ़ से लखनपुर और माधोपुर को जोड़ने वाले रेलवे पुल का पुल नंबर 17 का एक पिलर खिसक गया था। लगभग तीन फुट तक पिलर के खिसकने के बाद रेलवे ने इस ट्रैक को बंद किया।
जिसका सीधा असर ट्रेनों के संचालन पर भी पड़ा। अब लगभग दो जोड़ी ट्रेनों का ठप हुआ संचालन भी एक बार फिर रफ्तार पकड़ेगा। श्री अमरनाथ यात्रा से पहले अतिरिक्त ट्रेनों को चलाने और ट्रेनों को समय पाबंद करने में भी रेलवे को मदद मिलेगी। घाटी तक वंदे भारत चलने से रेलवे के प्रति पर्यटकों को आकर्षण जम्मू श्रीनगर के बीच वंदेभारत ट्रेन की एडवांस चल रही बुकिंग से ही लगाया जा सकता है। वहीं पर्यटन सीजन शुरू होने से अब देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले पर्यटक जम्मू तक बिना रुकावट रेलवे से सफर के बाद सीधा कश्मीर घाटी का रुख कर सकेंगे।
उत्तरी रेलवे ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से रावी दरिया के पुल संख्या 17 का काम पूरा होने की जानकारी साझा की। कठुआ-माधोपुर रेल सेक्शन की पुनर्स्थापना को महज 8 महीनों में पूरा करने से जम्मू मंडल में रेल यातायात को बड़ी राहत मिली है। बताया कि पुल की बहाली के साथ ही जम्मू मंडल के सभी प्रमुख पुल अब पूरी तरह से परिचालन में आ गए हैं। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अब लोड टेस्टिंग और अन्य चरणों में ट्रैक की जांच की जाएगी। इसके बाद चरणवार ट्रेनों का संचालन आने वाले दिनों में और भी बेहतर हो जाएगा।