एचएनबी गढ़वाल (केंद्रीय) विश्वविद्यालय में शनिवार से सहायक प्रोफेसर के लिए होने वाले ऑनलाइन साक्षात्कार पर अभ्यर्थियों ने सवाल उठाए हैं। कुछ अभ्यर्थियों ने विवि के विजिटर (राष्ट्रपति) को पत्र भेजकर साक्षात्कार प्रक्रिया स्थगित करने की मांग की है। अभ्यर्थियों का कहना है कि खराब नेट कनेक्टिविटी ऑनलाइन साक्षात्कार प्रक्रिया मेें सबसे बड़ी बाधा है। साथ ही आरोप लगाया कि विवि चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए जल्दबाजी में साक्षात्कार करा रहा है।
गढ़वाल विवि में 9 जनवरी से हिंदी विभाग में सहायक प्रोफेसर के सात पदों के लिए ऑनलाइन साक्षात्कार होने हैं। इन पदों के लिए लगभग 240 अभ्यर्थियों का साक्षात्कार होना है, लेकिन कुछ अभ्यर्थियों ने साक्षात्कार प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए राष्ट्रपति को पत्र भेज इसे स्थगित करने की मांग की है। अभ्यर्थियों का कहना है कि शीतकाल में पहाड़ी क्षेत्रों में नेट कनेक्टिविटी की स्थिति बहुत खराब रहती है। सभी लोग कंप्यूटर व ऑनलाइन दक्षता नहीं रखते हैं। कई अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिनके पास यह संसाधन हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि साक्षात्कार के लिए 1 और 2 जनवरी को शॉर्ट नोटिस दिया गया। जबकि उन्हें पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए था। पत्र में जिक्र किया गया है कि हिंदी विभागाध्यक्ष का कार्यकाल 14 जनवरी के पश्चात समाप्त हो जाएगा। ऐसे में आशंका है कि उनके अनुकूल अभ्यर्थियों के चयन के लिए भी विवि जल्दबाजी में हैं। विषम परिस्थितियों को देखते हुए विवि एक-दो माह का इंतजार कर सकता था। इससे पूर्व विवि को दोबारा से पद विज्ञापित करने चाहिए थे, क्योंकि विज्ञापन प्रकाशित हुए काफी लंबा समय बीत चुका है। उन्होंने राष्ट्रपति से ऑनलाइन साक्षात्कार प्रक्रिया रद्द कर ऑफलाइन साक्षात्कार करवाने की मांग की है। ताकि सभी अभ्यर्थी एक समान सुविधाओं के साथ साक्षात्कार में अपनी योग्यता एवं प्रतिभा का प्रदर्शन कर सके।
---अन्य केंद्रीय विश्वविद्यालयों में भी ऑनलाइन साक्षात्कार हो रहे हैं। गढ़वाल विवि में साक्षात्कार गत वर्ष 15 से 25 मार्च के बीच होने थे, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते हुए लॉकडाउन को देखते हुए साक्षात्कार स्थगित किए गए। अभ्यर्थी भी वहीं हैं और हिंदी की विभागाध्यक्ष भी वही हैं। ऐसे में चहेतों को को मौका देने का आरोप लगाना गलत है। ऑनलाइन साक्षात्कार में भी अभ्यर्थी बोर्ड के समक्ष पेश होता है। अभ्यर्थियों से पहले ही कह दिया गया कि कनेक्टिविटी एरिया में रहे। छात्र हित में शिक्षकों की नियुक्ति जरूरी है। - प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल, कुलपति गढ़वाल विवि श्रीनगर