संवाद न्यूज एजेंसी
गांदरबल। पब्लिक वेलफेयर एसोसिएशन डब गांदरबल ने मुहर्रम-उल-हराम 2026/1448 हिजरी के सफल समापन पर आपातकालीन बैठक कर धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया। एसोसिएशन ने शांतिपूर्ण और गरिमामय आयोजन में सहयोग देने वाले सभी संगठनों, विभागों और लोगों का आभार जताया।
प्रस्ताव में कहा गया करबला सत्य, न्याय, बलिदान, धैर्य और मानव गरिमा का शाश्वत प्रतीक है। हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों का अद्वितीय बलिदान इंसानियत को सच्चाई, न्याय और जुल्म के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देता है। एसोसिएशन ने सभी उलेमा-ए-किराम, जाकिरीन, नौहा ख्वान और धार्मिक विद्वानों का धन्यवाद किया जिन्होंने मजलिसों के जरिए करबला का संदेश फैलाया।
डब गांदरबल के युवाओं और स्वयंसेवकों की अनुशासन और समर्पण के लिए विशेष सराहना की गई जिन्होंने शोक जुलूसों का शांतिपूर्ण प्रबंधन किया। एसोसिएशन ने जिला विकास आयुक्त गांदरबल, पुलिस, स्वास्थ्य, जल शक्ति, पीएचई, बिजली, ग्रामीण विकास, नगर पालिका, फायर और आपात सेवाओं समेत सभी विभागों के अधिकारियों का आभार जताया। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का भी धन्यवाद किया जिन्होंने सलाहकार शाहमिरी को डब भेजकर इंतजामों की समीक्षा कराई। इमामबाड़ों के लिए सोलर लाइट और कूलर की मौके पर मंजूरी की सराहना की।
एसोसिएशन ने कहा कि फंड की कमी से कई जरूरी विकास कार्य पूरे नहीं हो पाए। इसलिए जम्मू-कश्मीर सरकार से सिफारिश की गई कि मुहर्रम-उल-हराम के इंतजामों के लिए अलग और समर्पित सालाना बजट तय किया जाए ताकि पूरे केंद्र शासित प्रदेश में पहले से बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
एसोसिएशन ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से अपील की कि आयतुल्ला सैयद अली खामनेई की शहादत पर भावनाएं जताने के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल युवाओं पर दर्ज एफआईआर वापस ली जाएं और उन्हें रिहा किया जाए।