फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कश्मीरी युवाओं को कट्टरपंथी बनाने की सीमा पार से रची जा रही साजिश

विज्ञापन
विज्ञापन
श्रीनगर। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कश्मीरी युवाआें को मुख्यधारा से जोड़े रखने के लिए वृहद उपायों पर जोर दिया है। श्रीनगर के बाहरी इलाके जेवन में राष्ट्रीय पुलिस दिवस समारोह में एलजी ने कहा, सीमा पार से आतंकी दुष्प्रचार से कश्मीरी समाज के बड़े वर्ग को कट्टरपंथ की राह पर धकेलने की साजिशें रच रहे हैं। ऐसे माहौल में कश्मीर की युवा पीढ़ी को गलत रास्ते पर जाने से रोकने के लिए पर्याप्त योजनाएं बनाकर काम करना होगा।
विज्ञापन

एलजी ने कहा कि आतंकियों की साजिश अब केवल किसी युवा विशेष को बरगलाकर आतंकी बनाने तक सीमित नहीं है। हजारों मील दूर बैठे आतंकी ऑनलाइन दुष्प्रचार से समाज के बड़े वर्ग की सोच में घुसपैठ करना चाहते हैं। ऐसी चुनौतियों को देखते हुए कट्टरपंथी तत्वाें पर नकेल के साथ उनकी मुख्यधारा में वापसी के लिए रणनीति बनानी होगी। गलत राह पर निकले युवाओं को सुधारेंगे, सोशल मीडिया पर 24 घंटे नजर रखनी होगी। घाटी में अमन कायम रखने के लिए समुदायों के बुजुर्गों को आगे आना होगा। जम्मू-कश्मीर पुलिस के लिए एलजी ने कहा कि रणनीति में लगातार बदलाव करना होगा। एक ही रणनीति पर काम करना कारगर नहीं है। जम्मू-कश्मीर पुलिस की सराहना करते हुए सिन्हा ने कहा कि तमाम चुनौतियों से निपटते हुए पुलिस के जांबाज देश के रुतबे और गौरव की रक्षा करने में पूरी तरह से सक्षम हैं।
जिला स्तर पर नियमित कार्यशाला करें
एलजी ने कहा कि सोशल मीडिया में जो भी सामग्री परोसी जा रही है, उसका विश्लेषण करने के लिए पुलिस को दक्ष बनना होगा। इसके लिए जिला स्तर पर नियमित कार्यशाला आयोजित करनी चाहिए।
विज्ञापन

दो साल में 684 पदक
एलजी ने कानून व्यवस्था की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस की सराहना भी की। कहा कि उन्हे खुशी है कि दो वर्षों में जम्मू-कश्मीर के पुलिसकर्मियों को 684 पदक मिले हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस को प्रशासन से समर्थन की जरूरत है, मैं उन्हें पूरा समर्थन देने का आश्वासन देता हूं। पुलिस और प्रशासन पुलिसकर्मियों और शहीदों के परिवारों के मुद्दों को हल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
निर्दोषों को छेड़ो मत, दोषियों को छोड़ो मत
एलजी सिन्हा ने पुलिस और सुरक्षा बलों से कहा कि वे राष्ट्र विरोधी तत्वों के खिलाफ सख्त कदम उठाएं। कहा, निर्दोषों को छेड़ो मत और दोषियों को छोड़ो मत।
सभी संस्थानों को काम की स्वतंत्रता
डॉ. फारूक अब्दुल्ला को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दूसरी बार पूछताछ के लिए बुलाए जाने के सवाल पर उपराज्यपाल ने कहा कि मैं यहां वीर जवानों की शहादत को नमन करने आया हूं। देश में जो संविधान और कानून है उसके चलते सभी संस्थाओं को अधिकार मिले हैं और उनको काम करने की स्वतंत्रता है। इससे ज़्यादा वह कुछ नहीं कहना चाहता।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें