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'मन बना चुका हूं, कुछ महीनों में दे दूंगा इस्तीफा': एनसी सांसद के बयान से बढ़ी सियासी हलचल; सीएम को दी ये सलाह

Tue, 18 Aug 2026 01:28 AM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, श्रीनगर

सार

नेशनल कॉन्फ्रेंस के श्रीनगर से सांसद आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी ने पार्टी से इस्तीफा देने का संकेत देकर सियासी हलचल बढ़ा दी है। एक पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि वह इस्तीफा देने का मन बना चुके हैं।
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सीएम उमर और आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नेशनल कॉन्फ्रेंस के श्रीनगर से सांसद आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी ने पार्टी से इस्तीफा देने का संकेत देकर सियासी हलचल बढ़ा दी है। एक पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि वह इस्तीफा देने का मन बना चुके हैं और जम्मू-कश्मीर के सांविधानिक अधिकारों की लड़ाई को एक निश्चित मुकाम तक पहुंचाने के बाद यह कदम उठाएंगे।

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उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला एक साल बाद नहीं, बल्कि अगले कुछ महीनों में हो सकता है। रुहुल्ला ने कहा कि पार्टी छोड़ने की खबर भले ही अभी समय से पहले लग रही हो, लेकिन पार्टी के भीतर हालात में सुधार नहीं हो रहा है। ऐसे में वह दिन दूर नहीं जब उन्हें अलग होने का फैसला लेना पड़ेगा। अंतिम निर्णय लेने से पहले वह अपने राजनीतिक एजेंडे को और मजबूत करना चाहते हैं।

रुहुल्ला ने कहा, उन्होंने संसद में अनुच्छेद 370 और जम्मू-कश्मीर की सांविधानिक स्थिति का मुद्दा पूरी मजबूती से उठाया है। वह इस लड़ाई को एक मुकाम तक पहुंचाने के बाद ही संसद की सदस्यता से इस्तीफा देंगे। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला के बयानों पर कहा कि वह उनका गहरा सम्मान करते हैं, लेकिन यह मुद्दा किसी व्यक्तिगत रिश्ते का नहीं है। यह जम्मू-कश्मीर की जनता के व्यापक हितों और उनकी आकांक्षाओं से जुड़ा विषय है।
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उमर को सीएम पद छोड़ संसद जाने की सलाह
पार्टी नेतृत्व के साथ मतभेद दूर करने के लिए रुहुल्ला ने एक अलग प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर लोकसभा का रुख करने की सलाह दी। उनका तर्क है कि संसद में जाकर उमर जम्मू-कश्मीर के सांविधानिक अधिकारों, राज्य के दर्जे और उसकी गरिमा की बहाली की लड़ाई को ज्यादा मजबूती से उठा सकते हैं। रुहुल्ला ने कहा कि वह अपनी संसद सदस्यता से इस्तीफा दे सकते हैं और मुख्यमंत्री भी पद छोड़कर संसद पहुंचें। अगर वह सांसद के तौर पर इन मुद्दों को उठाकर माहौल बनाने में सक्षम हैं, तो मुख्यमंत्री के तौर पर उमर संसद में उनसे कहीं अधिक प्रभाव डाल सकते हैं।

किसी अन्य विधायक को सरकार की कमान देने का सुझाव
रुहुल्ला ने यह भी सुझाव दिया कि यदि उमर संसद जाते हैं तो किसी अन्य विधायक या मंत्री को केंद्र शासित प्रदेश की सरकार की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। उनके अनुसार, सरकार का ध्यान शासन चलाने पर होना चाहिए, जबकि राजनीतिक नेतृत्व को जम्मू-कश्मीर के सांविधानिक और बड़े राजनीतिक मुद्दों की लड़ाई आगे बढ़ानी चाहिए।

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