पीडीपी प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को पार्टी के 27वें स्थापना दिवस के मौके पर श्रीनगर स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता अपने-अपने जिलों में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करेंगे।
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि उनकी पार्टी अनुच्छेद 370, 35ए की बहाली और कश्मीर समस्या के शांतिपूर्ण समाधान के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी। इस दौरान उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर दिए गए अपने बयान को लेकर भी खेद जताया। उन्होंने कहा कि अगर उनके बयान से किसी को ठेस पहुंची है तो वह माफी मांगती हैं।
महबूबा मुफ्ती ने 23 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन को समर्थन दिया था। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई का विरोध किया था। उनके बयान पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और अन्य नेताओं ने आलोचना की थी। विवाद के बाद पीडीपी ने आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) महबूबा मुफ्ती के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है।