फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Foul Play: पीओके में मारे गए आंदोलनकारियों को आतंकी बता रही है पाकिस्तानी सेना, लोगों के साथ बर्बरता

Thu, 09 Jul 2026 04:03 AM IST
दुष्यंत शर्मा अभिषेक राज, श्रीनगर

सार

राजनीतिक प्रतिनिधित्व व संवैधानिक अधिकारों की मांग करते हुए मारे गए लोगों को पाकिस्तान ने अब आतंकी बताना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
file pic - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में बढ़ते विरोध के बीच पाकिस्तानी सेना लगातार आंदोलनकारियों की हत्या कर रही है। राजनीतिक प्रतिनिधित्व व संवैधानिक अधिकारों की मांग करते हुए मारे गए लोगों को पाकिस्तान ने अब आतंकी बताना शुरू कर दिया है।

विज्ञापन


रावलाकोट से मुजफ्फराबाद, मीरपुर, कोटली, बाग, हट्टियान बाला, सूधनोटी, ढेरकोट और डड्याल तक आंदोलकारियों से बर्बरता की जा रही है। महिलाओं व युवतियों से पाकिस्तानी सेना दरिंदगी कर रही है। करीब सौ से ज्यादा युवतियां घरों से लापता बताई जा रही हैं। आंदोलन का नेतृत्व करने वाले शौकत नवाज मीर, मेहरान अरशद ख्वाजा, अमन खान व अमजद अली को भी पाकिस्तान ने आतंकी बताया है।

रावलाकोट आंदोलन का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है, जहां बीते एक महीने में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों में अब तक 25 युवाओं की मौत हो चुकी है। आंदोलन का नेतृत्व कर रही संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के अनुसार इस्लामाबाद लगातार ऐसे फैसले थोप रहा है, जिनमें पीओके की जनता की अनदेखी की जा रही है। शांतिपूर्वक हक की मांग करने पर हमें गोली मार दी जा रही है।
विज्ञापन


पाकिस्तान ने पहले आंदोलन को खत्म करने के लिए जेएएसी पर प्रतिबंध लगाया। वरिष्ठ नेताओं की गिरफ्तारी की। अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की और अब मारे गए आंदोलनकारियों को आतंकी बताना शुरू कर दिया है। पाकिस्तान सरकार जेएएसी को भी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) की तरह बता रही है।

पाकिस्तानी सेना का आरोप है कि ये तीनों संगठन आपस में मिलकर देश को अस्थिर कर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर आंदोलनकारी इसे अपने राजनीतिक अधिकारों, स्थानीय पहचान और लोकतांत्रिक भागीदारी की लड़ाई बताकर लगातार भारत सरकार से मदद की मांग कर रहे हैं।

आंदोलन के प्रमुख केंद्र

  • रावलाकोट: सबसे बड़ा आंदोलन केंद्र, जहां सबसे अधिक हिंसक झड़पें हो रही हैं
  • मुजफ्फराबाद : राजधानी क्षेत्र, जहां बड़ी संख्या में लोग मार्च और धरने में शामिल हो रहे हैं
  • मीरपुर और कोटली: बाजार बंद, चक्का जाम और बड़े पैमाने पर रैली
  • बाग, हट्टियान बाला और सूधनोटी: स्थानीय स्तर पर व्यापक विरोध प्रदर्शन
  • ढेरकोट और डड्याल: सड़क जाम, धरना और पाकिस्तान सरकार के खिलाफ नारेबाजी

हम यहां सबसे बुरे दौर में हैं। पाकिस्तान ने हमारा व हमारे बच्चों का जीवन नर्क बना दिया है। इस मुश्किल घड़ी में भारत सरकार को हमारी मदद करनी चाहिए।
-सरदार अमन खान, नेता जेएएसी

पाकिस्तान ने पीओके में रहने वाले लोगों की जिंदगी तबाह कर दी है। पाकिस्तानी सेना से तो अब बहू-बेटियां भी सुरक्षित नहीं बची हैं। पीओके के प्रति हमारी गहरी संवेदना है। वह हमारे अपने हैं।

विज्ञापन

-राजीव चूनी, चेयरैमन एसओएस इंटरनेशनल

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें