फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर: तुर्किये से नजदीकी बढ़ा आतंकियों की फौज बना रहा पाकिस्तान, नवंबर-दिसंबर में बड़ी साजिश के इनपुट

Sat, 29 Aug 2026 07:22 AM IST
Vijay Singh Pundir अभिषेक राज, अमर उजाला, श्रीनगर

सार

ऑपरेशन सिंदूर में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-ताइबा और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े जिन ठिकानों और ढांचों को नुकसान पहुंचा था, उन्हें पुराने स्वरूप में खड़ा करने के बजाय अब नए ठिकानों और छोटे नेटवर्क के जरिए गतिविधियां बहाल करने की कोशिश हो रही है। 
विज्ञापन
तुर्किये से नजदीकी बढ़ा आतंकियों की फौज खड़ी कर रहा पाकिस्तान - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान की जमीन पर आतंकी ठिकानों के तबाह होने के बाद बिखरे नेटवर्क को अब फिर से खड़ा किया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों को मिले इनपुट के मुताबिक नवंबर से दिसंबर के बीच जम्मू-कश्मीर में बड़े आतंकी हमले की साजिश रची जा रही है।

विज्ञापन

इसके लिए पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद कमजोर पड़े आतंकी संगठनों के नेटवर्क को सक्रिय करने का प्रयास तेज कर दिया है। तुर्किये से बढ़ती नजदीकी से मिले रणनीतिक सहारे के बीच आतंकियों का मनोबल बढ़ाने, नए ठिकाने तैयार करने और सीमा पार से घुसपैठ की कोशिशों को तेज करने की तैयारी इसी साजिश की कड़ियां मानी जा रही हैं।

ऑपरेशन सिंदूर में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-ताइबा और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े जिन ठिकानों और ढांचों को नुकसान पहुंचा था, उन्हें पुराने स्वरूप में खड़ा करने के बजाय अब नए ठिकानों और छोटे नेटवर्क के जरिए गतिविधियां बहाल करने की कोशिश हो रही है। बहावलपुर में जैश के तबाह परिसर में दोबारा हलचल, लश्कर से जुड़े हैंडलरों तक फंडिंग और एलओसी के आसपास छोटे ठिकानों का उभरना इसी पुनर्गठन के संकेत हैं। सुरक्षा एजेंसियां इसे नवंबर-दिसंबर में संभावित बड़े हमले की तैयारी से जोड़कर देख रही हैं।

पाकिस्तान की कोशिश है कि नवंबर तक नेटवर्क को इतना सक्रिय कर दिया जाए कि जम्मू-कश्मीर में एक बड़ा हमला कर आतंकियों का मनोबल बढ़ाया जा सके। इस पूरी साजिश के बीच तुर्किये के साथ पाकिस्तान की बढ़ती नजदीकी और उससे मिल रहे रणनीतिक व आर्थिक समर्थन पर भी सुरक्षा एजेंसियों की नजर है।
विज्ञापन

नवंबर 2025 में सामनेआ चुकी बड़ी चेतावनी
तुर्किये समर्थित सीरियाई लड़ाकों को पाकिस्तान के रास्ते कश्मीर में भेजने की साजिश से जुड़ी खुफिया रिपोर्ट ने नवंबर 2025 में ही सुरक्षा एजेंसियों को सचेत कर दिया था। अंतर्राष्ट्रीय मीडिया और थिंक-टैंक नॉर्डिक मॉनिटर की हालिया रिपोर्ट के अनुसार तुर्किये की निजी सैन्य कंपनी सादात और सीरियाई मिलिशिया कमांडरों ने विदेशी लड़ाकों को कश्मीर में तैनात करने को लेकर फिर बैठक की है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें