एक सैन्य अधिकारी ने कहा कि घने जंगलों का फायदा उठाते हुए आतंकी बच रहे हैं, पर ऐसा बहुत दिन तक नहीं होगा। सूत्रों के मुताबिक, सबसे पहले अनंतनाग के पहलगाम तहसील के हापत नार गांव के पास जंगलों में दहशतगर्दों को देखा गया। फिर इनके कुलगाम के जंगलों में होने का इनपुट मिला।
पहलगाम में पर्यटकों पर हमला करने वालों की तलाश में सुरक्षाबलों ने घाटी की चौकसी बढ़ा दी है। बीते एक सप्ताह में सुरक्षाबलों ने चार बार इन आतंकियों की घेराबंदी की। एक बार उनके साथ गोलीबारी भी हुई और आतंकी डर कर भाग निकले।
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सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने स्थानीय लोगों से मिली जानकारी, खुफिया सूचनाओं व तलाशी अभियानों के जरिये आतंकियों का पता लगाया गया। एक सैन्य अधिकारी ने कहा कि घने जंगलों का फायदा उठाते हुए आतंकी बच रहे हैं, पर ऐसा बहुत दिन तक नहीं होगा। सूत्रों के मुताबिक, सबसे पहले अनंतनाग के पहलगाम तहसील के हापत नार गांव के पास जंगलों में दहशतगर्दों को देखा गया। फिर इनके कुलगाम के जंगलों में होने का इनपुट मिला। मौके पर सुरक्षाबलों ने इन्हें चारों ओर से घेरा। गोलीबारी भी हुई, लेकिन आतंकी भाग निकले। इसके बाद आतंकियों को त्राल रिज और कोकेरनाग में देखा गया था। एजेंसी
बर्फ कम होने का मिल रहा फायदा
आतंकियों को इस बार किश्तवाड़ में कम बर्फ पड़ने का फायदा हो रहा है। बर्फ नहीं होने के कारण उन्हें पहाड़ी के रास्ते दूसरी ओर से जम्मू की तरफ घने जंगलों में भागने का मौका मिल रहा है।
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एक अधिकारी ने कहा कि हमारा मानना है कि वे अभी भी दक्षिण कश्मीर में हैं। इनके अभी भी इसी इलाके में छिपे होने की सूचना है। सुरक्षाबलों ने मुस्तैदी बढ़ा दी है और तलाशी अभियान तेज कर दिया है।