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पहलगाम आतंकी हमला : साजिश करने वालों में लश्कर का फारूक भी, पीओके में छिपा बैठा है दहशतगर्दों का मददगार

Thu, 01 May 2025 06:37 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

फारूक के पाले-पोसे लश्कर के मददगारों (ओवरग्राउंड वर्कर्स) पर ही पहलगाम के हत्यारों को रसद मुहैया कराने का शक है। कश्मीर के कुपवाड़ा का रहने वाला फारूक पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में छिपा बैठा है।
 
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पहलगाम आतंकी हमला - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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पहलगाम आतंकी हमले के साजिशकर्ताओं में लश्कर-ए-ताइबा का आतंकी फारूक अहमद भी शामिल है। फारूक के पाले-पोसे लश्कर के मददगारों (ओवरग्राउंड वर्कर्स) पर ही पहलगाम के हत्यारों को रसद मुहैया कराने का शक है। कश्मीर के कुपवाड़ा का रहने वाला फारूक पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में छिपा बैठा है।

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सूत्रों के अनुसार क्षेत्र के पहाड़ी इलाकों की गहन जानकारी ने फारूक को लश्कर में प्रमुख आतंकी बना दिया है। पहलगाम हमले के लिए उसने पाकिस्तान सीमा पर तीन अलग-अलग सेक्टरों से आतंकियों को कश्मीर में घुसपैठ कराने में अहम भूमिका निभाई।

घाटी में फैला उसका नेटवर्क कई हमलों में शामिल रहा है। हमले के बाद उसके कई मददगार हिरासत में लिए गए हैं। फारूक बातचीत के लिए सुरक्षित संचार एप का इस्तेमाल कर रहा था। संवाद
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आतंकवादियों के आने-जाने के सही रास्ते का पता लगाने के लिए होगी बायसरन घाटी की 3डी मैपिंग 
श्रीनगर। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक विशेष टीम हाईटेक उपकरणों के साथ बुधवार को फिर से बायसरन में घटनास्थल पर पहुंची। एनआईए बायसरन घाटी में 3डी मैपिंग करेगी, ताकि आतंकियों के एंट्री-एग्जिट पॉइंट का सटीक पता लगाया जा सके।

सूत्रों के अनुसार अब तक दर्ज चश्मदीदों के बयानों के आधार पर 3डी मैपिंग की जाएगी। इससे आतंकियों की एंट्री और एग्जिट पॉइंट की पुख्ता जानकारी मिल पाएगी। 3डी मैपिंग के जरिये आतंकियों के भागने के सही रास्तों की जानकारी भी मिलेगी। 

एनआईए ने सात घंटे तक की जांच
एनआईए की टीम ने बायसरन घाटी में जम्मू कश्मीर पुलिस की बोम डिस्पोजल स्क्वायड और फोरेंसिक की टीमों के साथ करीब सात घंटे तक जांच की। घटनास्थल से जुटाए गए सैंपल्स और पूछताछ के दौरान घोड़े वालों और बायसरन में काम करने वाले अन्य लोगों के बयान की भी पड़ताल की जाएगी।

बायसरन घाटी के आसपास 3 किमी के दायरे को खंगाला जा रहा, ताकि हमलावर आतंकियों के आने-जाने के रूट के बारे में सुराग हाथ लग सके। मंगलवार को एनआईए की टीम ने 100 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। इनमें जिपलाइन ऑपरेटर मुजम्मिल भी शामिल है। सूत्रों ने बताया कि एनआईए की टीम सबूत इकट्ठा करने और तथ्य खंगालने के लिए घटनास्थल पर दोबारा जा सकती है। 
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