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कश्मीर चाहता है इंसाफ: पहलगाम हमला राज्य के दर्जे की बहाली पर असर नहीं डालेगा, बोले सीएम उमर अब्दुल्ला

Thu, 29 May 2025 11:22 AM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला, नेटवर्क गुलमार्ग

सार

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले का जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा लौटाने की प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ा है और इस पर बातचीत जारी है
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गुलमर्ग में प्रशासनिक बैठक के बाद प्रेस को संबोधित करते सीएम उमर अब्दुल्ला। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले से जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाली के मुद्दे पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। उन्होंने हाल ही में नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में भी इस मुद्दे को उठाया था।

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आप नीति आयोग की बैठक में प्रसारित औपचारिक भाषण को हटा दें, तो उसमें राज्य का दर्जा वापस करने का स्पष्ट उल्लेख मिलेगा, जो माननीय प्रधानमंत्री और गवर्निंग काउंसिल के सभी सदस्यों को दिया गया था।सीएम ने बुधवार को गुलमर्ग में प्रशासनिक बैठक की। वह पर्यटन कारोबारियों से भी मिले। यहां उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि राज्य के दर्जे को लेकर बातचीत रुकी नहीं है। मैं विधानसभा के विशेष सत्र का उपयोग राज्य के दर्जे के बारे में बात करने के लिए नहीं करना चाहता था। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि बातचीत बंद हो गई है। बातचीत जारी है।

घाटी में सामान्य स्थिति की बहाली की कोशिश
पर्यटन के पुनरुद्धार पर मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के अन्य हिस्सों से लोगों के आने की उम्मीद करने से पहले कश्मीरियों को घाटी में पर्यटन स्थलों का दौरा करना चाहिए। इन स्थानों पर प्रचार और जीवंत गतिविधि होनी चाहिए। मैंने शिक्षा मंत्री से स्कूलों और कॉलेजों के लिए पिकनिक शुरू करने को कहा है ताकि हम सामान्य स्थिति की ओर वापस लौट सकें।

यह संदेश जाए कि जम्मू-कश्मीर पर्यटन के लिए तैयार है। प्रशासनिक बैठक में शीर्ष नागरिक प्रशासन के अधिकारियों के अलावा कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक, उत्तर कश्मीर के उप महानिरीक्षक और बारामुला  के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शामिल हुए। 

कश्मीरियों को आतंकी हमले के लिए दोषी ठहराना गलत बोले उमर अब्दुल्ला
हमले के लिए कश्मीरी दोषी नहीं एक सवाल के जवाब में सीएम ने कहा कि आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत के लिए कश्मीरियों को जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए। कश्मीर के लोगों ने यह हमला नहीं किया। यह हमारी अनुमति या हमारे लाभ के लिए नहीं किया गया।

फिर भी आप कश्मीर के लोगों को दंडित करते हैं, उनका बहिष्कार करते हैं, तो हम क्या करेंगे। इसलिए मैं चाहता हूं कि केंद्र इसे नजरअंदाज न करे, उसे जांच एजेंसियों का इस्तेमाल करके इस अभियान की जांच करनी चाहिए और इसे रोकना चाहिए।

यहां सत्ता के तीन केंद्र, सभी में समन्वय जरूरी
सीएम ने कहा, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था निर्वाचित सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। यह किसकी जिम्मेदारी है, उपराज्यपाल की। स्थानीय सरकार पर्यटन के बुनियादी ढांचे का निर्माण कर सकती है, लेकिन सुरक्षा एलजी के अधिकार क्षेत्र में है, इसलिए परस्पर सहयोग जरूरी है।

यहां तीन तरह के सत्ता के केंद्र हैं। सभी में समन्वय जरूरी है, ताकि यहां चीजें सुचारू रूप से चलें। केंद्र व निर्वाचित सरकार और राजभवन को यह सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए ताकि 22 अप्रैल को जो हुआ, वह दोबारा न हो। कहा, पहली बार कश्मीर के लोग हमले की निंदा करने के लिए आगे आए। कोई भी राजनेता, धार्मिक नेता इसका श्रेय नहीं ले सकता।

विश्वास की शुरुआत आंतरिक रूप से होनी चाहिए 
उमर ने कहा, विश्वास की शुरुआत आंतरिक रूप से होनी चाहिए। उन्होंने पहलगाम और गुलमर्ग में हाल ही में हुई कैबिनेट बैठकों का हवाला देते हुए कहा कि यह स्थिति को सामान्य बनाने और पर्यटन स्थलों पर लोगों की मौजूदगी बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा है। 

मिलकर काम करने की जरूरत 
मुख्यमंत्री ने उन आरोपों को खारिज कर दिया कि निर्वाचित सरकार और राजभवन के बीच संबंध अच्छे नहीं थे। उन्होंने कहा कि आपको केवल तभी संबंधों में सुधार की आवश्यकता है जब संबंधों में ठहराव हो। आपने मुझे ठहराव का आरोप लगाते हुए कब सुना है। मैं केवल यह कह रहा हूं कि आगे बढ़ने के लिए हमें मिलकर काम करने की आवश्यकता है। 

उमर ने बताया कि पहलगाम हमले के पीड़ितों के स्मारक के संबंध में कैबिनेट ने एक निर्णय लिया है और सड़क एवं भवन विभाग को एक ठोस प्रस्ताव तैयार करने का काम सौंपा है। आरएंडबी विभाग को इस स्मारक के लिए डिजाइन बनवाने के लिए कहा गया है।
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सीएम ने पर्यटन प्रतिनिधिमंडल का जताया आभार
देश के विभिन्न हिस्सों से आए पर्यटन प्रतिनिधिमंडल का मुख्यमंत्री उमर ने आभार जताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कुछ पर्यटन स्थल पूरी तरह से बंद हैं, जबकि कुछ स्थलों पर आंशिक रूप से बंद है। हमें धीरे-धीरे सूची की समीक्षा करनी होगी। पिछली घटनाओं और इस घटना में अंतर है। लोग खुद ही विरोध करने के लिए बाहर आए। उन्होंने इसकी निंदा की। 

पूरे देश में जाएगा सकारात्मक संदेश 
गुलमर्ग के विधायक पीरजादा फारूक अहमद शाह कहते हैं, मैं मुख्यमंत्री का बहुत आभारी हूं कि उन्होंने बैठक के लिए गुलमर्ग को चुना। मुख्यमंत्री जम्मू-कश्मीर में विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। हम जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों का स्वागत करते हैं। गुलमर्ग ने हमेशा पर्यटकों का स्वागत किया है। पूरे देश में एक सकारात्मक संदेश जाएगा।

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