कुलगाम के घने जंगलों में जारी ऑपरेशन अखल 12वें दिन भी आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है जिसमें अब तक दो जवान बलिदान और 9 घायल हो चुके हैं। सेना, पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ड्रोन, हेलिकॉप्टर और खोजी कुत्तों की मदद से आतंकियों की तलाश कर रही है।
कुलगाम जिले में जारी ऑपरेशन अखल सोमवार को 12वें दिन भी जारी रहा। इस ऑपरेशन में अभी तक सेना के दो जवान बलिदान हुए हैं और 9 घायल हैं। सुरक्षाबलों ने दो आतंकवादियों को मार गिराया है। अखल के जंगल में सुरक्षाबलों का लगातार तलाशी अभियान लगातार जारी है।
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पुलिस और सेना के वरिष्ठ अधिकारी 24 घंटे ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। बीते शनिवार को ऑपरेशन में आतंकवादियों ने रात में ग्रेनेड दागे थे, जिससे दो जवान बलिदान हो गए। रक्षा सूत्रों के अनुसार, आतंकवादी रात में स्नाइपर राइफल से फायरिंग कर जवानों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
हालांकि इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घना जंगल और खड़ी चढ़ाई सुरक्षाबलों के जवानों को आगे बढ़ने में चुनौती पैदा कर रही है। ऑपरेशन में ड्रोन, क्वाड कॉप्टर, हेलिकॉप्टर सहित अन्य आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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दहशतगर्दों को ट्रैक करने के लिए खोजी कुत्ते भी लगाए गए हैं। यह इस साल कश्मीर घाटी में अब तक का सबसे लंबा आतंकवाद विरोधी अभियान है। इस ऑपरेशन को सेना की स्पेशल पैरा फोर्स, 9 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) और सीआरपीएफ के जवान अंजाम दे रहे हैं। क्षेत्र एक घना जंगल होने के कारण ऑपरेशन में समय लग रहा है। बता दें कि कुलगाम के उस पार दमहाल हांजीपोरा का क्षेत्र पड़ता है, जो आगे जम्मू संभाग के रियासी के साथ जुड़ता है।