पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर आरोप लगाया है कि उनकी सरकार जम्मू-कश्मीर के प्रशासनिक ढांचे से उर्दू भाषा को धीरे-धीरे हटाने की कोशिश कर रही है।
श्रीनगर में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता इल्तिजा मुफ्ती ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर आरोप लगाया है कि उनकी सरकार धीरे-धीरे जम्मू-कश्मीर के प्रशासनिक ढांचे से उर्दू भाषा को हटाने की कोशिश कर रही है।
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मुफ्ती ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राजस्व विभाग में दस्तावेजों के डिजिटलीकरण को केवल अंग्रेजी भाषा में करने का आदेश दिया गया है, जबकि राज्य के पुराने राजस्व रिकॉर्ड सदियों से उर्दू में मौजूद हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राजस्व विभाग की भर्तियों में पहले जरूरी रही उर्दू भाषा की योग्यता को भी खत्म कर दिया गया है। उनका कहना है कि यह जम्मू-कश्मीर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान पर हमला है।
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पीडीपी नेता ने सवाल उठाया कि क्या सरकार यह सब किसी दबाव में कर रही है और उर्दू जैसी साझा विरासत को क्यों हटाया जा रहा है। उन्होंने इसे युवाओं के अधिकारों और पहचान से भी जोड़ते हुए विरोध दर्ज कराया।