अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या को लेकर पहले से ही सुप्रीम कोर्ट की ओर से सीमा निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि इस सीमा का पालन सुनिश्चित करना श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार श्रद्धालु बिना पंजीकरण के भी दर्शन के लिए पहुंच जाते हैं, ऐसे मामलों को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी भी श्राइन बोर्ड को देखनी होगी। उन्होंने कहा कि यात्रियों की संख्या और यात्रा प्रबंधन से जुड़े सभी पहलुओं पर बोर्ड को ध्यान देना चाहिए।
बाबा बर्फानी के जल्दी पिघलने को लेकर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि हिमलिंग का आकार और उसकी मौजूदगी प्राकृतिक प्रक्रिया पर निर्भर करती है। यह ऊपर वाले की बनाई हुई चीज है, कितने दिन रहना है या नहीं रहना है, यह न आप तय कर सकते हैं और न मैं। इस बार छह दिन रहा, इतने दिन ही सही।