मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि उन्होंने इस मामले को मुख्य सचिव के समक्ष गंभीरता से उठाया है। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि सहायक निदेशक बीनिश वानी को किसी भी तरह की प्रतिशोधात्मक कार्रवाई का सामना न करना पड़े। आरोप है कि वरिष्ठ आईएएस अधिकारी कुमार राजीव रंजन ने उन्हें सेवा से बर्खास्त करने की सिफारिश करने की धमकी दी थी।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ऑनलाइन बैठक की वीडियो उन्होंने देखी है। उनके मुताबिक, वरिष्ठ अधिकारी के दुर्व्यवहार के बाद कनिष्ठ अधिकारी को धमकाना मामले को और गंभीर बनाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि जम्मू-कश्मीर पूर्ण राज्य होता तो जांच लंबित रहने तक संबंधित आईएएस अधिकारी को सामान्य प्रशासन विभाग से संबद्ध किया जा सकता था। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश होने के कारण आईएएस अधिकारियों पर नियंत्रण लोक भवन के पास है। ऐसे में संबंधित प्राधिकरणों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि धमकी भरे और अपमानजनक व्यवहार को नजरअंदाज न किया जाए।
यह विवाद मिशन युवा की समीक्षा बैठक के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की भूमिका को लेकर कुमार राजीव रंजन और सहायक निदेशक बीनिश वानी के बीच हुई तीखी बहस के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद शुरू हुआ।
जेकेएएस अधिकारियों ने कथित दुर्व्यवहार और सार्वजनिक रूप से अपमानित किए जाने की निंदा करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।