लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने लेह में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की, जहां नौ दिनों के बाद कक्षा आठ तक के स्कूल फिर से खोल दिए गए। हिंसा के बाद अधिकांश पाबंदियां हटाई गई हैं, लेकिन मोबाइल इंटरनेट बंद और धारा 144 अब भी लागू है।
लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने शुक्रवार को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। इस बीच, हाल ही में हुई हिंसा के बाद बंद किए गए सभी सरकारी और निजी स्कूल (कक्षा 8 तक) को नौ दिनों के बाद दोबारा खोल दिया गया।
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अधिकारियों ने बताया कि हालात में सुधार के चलते अधिकांश पाबंदियां धीरे-धीरे हटा दी गई हैं। हालांकि, 5 या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अभी भी निलंबित हैं।
24 सितंबर को लेह में भड़की हिंसा के बाद कर्फ्यू लगाया गया था, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे। प्रशासन ने धीरे-धीरे कर्फ्यू में ढील दी, पहले दो-दो घंटे के स्लॉट में, फिर 30 सितंबर को 7 घंटे और बाद में 1 अक्तूबर से पूरे दिन की ढील दी गई।
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हालांकि मोबाइल इंटरनेट सेवा अब भी बंद है और धारा 144 (एक स्थान पर 5 या उससे अधिक लोगों के जुटने पर रोक) भी लागू है।
पुलिस ने बताया कि हिंसा के बाद हिरासत में लिए गए 50 से अधिक लोगों में से 26 को जमानत पर रिहा कर दिया गया है।
कारगिल बार एसोसिएशन ने हिंसा में मारे गए लोगों के समर्थन में तीसरे दिन भी न्यायिक कार्य से दूरी बनाई रखी और 6 अक्तूबर तक हड़ताल जारी रखने की घोषणा की।