फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नारी शक्ति: उल्फता बानो हीरपोरा के लोगों के लिए बनी जीवन रेखा; 25 सालों से बर्फीली सड़कों में पहुंचा रही डाक

Thu, 13 Mar 2025 01:16 PM IST
निकिता गुप्ता मुजम्मिल याकूब अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

उल्फता बानो 55 वर्षीय महिला 25 वर्षों से हीरपोरा के बर्फीले रास्तों पर पैदल चलकर गांववालों तक डाक और पार्सल पहुंचाती हैं, और उनकी यह सेवा क्षेत्रवासियों के लिए जीवनरेखा बन चुकी है।
विज्ञापन
उल्फत बानो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शोपियां जिले के दूरदराज गांव हीरपोरा की 55 वर्षीय उल्फत बानो 25 वर्षों से बर्फीले रास्तों और ठंडी हवाओं के बीच रोजाना 20-25 पार्सल पहुंचा रही हैं। इससे वह प्रतिकूल परिस्थितियों में क्षेत्रवासियों के लिए जीवनरेखा की तरह काम कर रही हैं।

विज्ञापन


पारंपरिक फिरन, ऊनी टोपी और स्कार्फ पहने 5-6 फुट बर्फ से ढके रास्तों पर कई किलोमीटर पैदल चलकर डाक और पार्सल पहुंचाती हैं। उनकी मेहनत और समर्पण के चलते ग्रामीण उनकी काफी सराहना करते हैं। वे हीरपोरा के पोस्ट ऑफिस में एक पुरुष सहकर्मी के साथ काम करती हैं और डाक पत्रों व पार्सल को वितरित करती हैं।

सेवानिवृत्त पति ने कहा, पत्नी के समर्पण से महसूस होता है गर्व
उल्फत महीने में 22,000 रुपये कमाती हैं। लेकिन, उनकी यह जिम्मेदारी केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि गाँव वालों के लिए एक जीवनरेखा की तरह है। उल्फत का मानना है कि यह रोज का प्रयास उन्हें फिट रखता है। उल्फत के सेवानिवृत्त पोस्टमैन पति ने कहा कि पत्नी के समर्पण पर गर्व महसूस होता है। विशेष रूप से सर्दियों के दौरान, जब युवा भी बर्फ़ीले रास्तों पर चलने में मुश्किल महसूस करते हैं। 
विज्ञापन


जंगली इलाका होने के चलते हर समय रहती है चिंतापति ने कहा कि हीरपोरा के पास स्थित वन्यजीव अभयारण्य के कारण यहां जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है। हालांकि, उल्फत का कभी इन जंगली जानवरों से सामना नहीं हुआ है, लेकिन परिवार को हमेशा उनकी चिंता बनी रहती है।

उल्फत के लिए सेवाएं अत्यंत महत्वपूर्ण
ग्रामीण छात्रों के लिए उल्फत की सेवाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। क्योंकि, वह ठंड और बर्फ के बावजूद उन्हें अध्ययन सामग्री और किताबें पहुंचाती हैं। बानो मानती हैं कि उनके काम का असली मूल्य वह है जो उनके माध्यम से एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं। उन्होंने कहा, मुझे 25 साल हो गए इस विभाग में काम करते हुए। अल्लाह का ही शुक्रिया है जो मुझे इस बर्फबारी और खराब मौसम में भी लोगों तक उनके पार्सल पहुंचाने की हिम्मत देते हैं। 5-6 फुट बर्फ में पैदल जाकर लोगों को पार्सल देती हूं। मुझे खुशी है कि मैं लोगों के काम आती हूं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें