कश्मीर के प्रमुख धर्मगुरु और हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक को शुक्रवार को नजरबंद कर दिया गया, जिसके चलते वह श्रीनगर की ऐतिहासिक जामा मस्जिद में जुमे की नमाज अदा नहीं कर सके।
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बयान में कहा गया कि मीरवाइज को आज वार्षिक मीरवाइज फाउंडेशन कैलेंडर का विमोचन भी करना था, जो साझा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को समर्पित कार्यक्रम है, लेकिन इसे भी जबरन रोक दिया गया।
पोस्ट में कहा गया कि शांतिपूर्ण धार्मिक और सामुदायिक गतिविधियों पर रोक लगाना दुखद और अन्यायपूर्ण है।
एक दिन पहले ही मीरवाइज उमर फारूक ने अपने एक्स अकाउंट से ‘ऑल पार्टीज हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन’ का पदनाम हटा दिया था। मीरवाइज ने इसे 'मजबूरी का फैसला' बताते हुए कहा था कि अधिकारियों ने चेतावनी दी थी कि गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत हुर्रियत के घटक संगठनों पर प्रतिबंध के मद्देनजर उनका अकाउंट हटाया जा सकता है।