मीरवाइज उमर फारूक ने ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की हत्या के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान लोगों की हिरासत को गैर-जरूरी बताते हुए उनकी रिहाई की मांग की।
मीरवाइज उमर फारूक ने बुधवार को कहा कि शांतिपूर्ण विरोध और आहत भावनाओं को अभिव्यक्त करने के लोगों के अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की हत्या के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई की मांग की।
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मीरवाइज ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि प्रदर्शनकारियों और शोक जता रहे लोगों, जिनमें महिलाएं और नाबालिग भी शामिल हैं, उन्हे हिरासत में लिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण और गैर-जरूरी है। उन्होंने विरोध प्रदर्शनों को कवर करने पर स्थानीय समाचार माध्यमों के सोशल मीडिया अकाउंट रोके जाने और एफआईआर दर्ज किए जाने पर भी आपत्ति जताई।
कश्मीर घाटी से लेकर पीर पंजाल और जम्मू तक लोगों ने एकजुट होकर ईरान की घटनाओं की निंदा की है।
मीरवाइज ने प्रशासन से अपील की कि सभी हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा किया जाए और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक तथा दंडात्मक कार्रवाई की नीति की गंभीर समीक्षा की जाए।