मीर ने कहा कि करीब डेढ़ से दो साल पहले भारत में हुए पहलगाम आतंकी हमले की ब्रिक्स सम्मेलन में निंदा किया जाना स्वागत योग्य कदम है। लेकिन उनका कहना था कि बड़ा सवाल यह है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के साथ खड़े रहे देशों के प्रति भारत ने कैसा रुख अपनाया।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन ने पाकिस्तान का समर्थन किया था, इसके बावजूद ब्रिक्स सम्मेलन में चीन का स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि चीन ने गलवान में भारतीय सैनिकों को बलिदान किया और लद्दाख तथा अरुणाचल प्रदेश में भारतीय क्षेत्र में अतिक्रमण किया।
मीर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ब्रिक्स के मंच पर चीन के साथ इन मुद्दों को मजबूती से उठाना चाहिए था और भारत का स्पष्ट रुख रखना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में केंद्र सरकार विफल रही है।