फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कश्मीरी मुसलमानों को सरकारी व्यवस्था से बाहर किया जा रहा है : महबूबा मुफ्ती

विज्ञापन
शोपियां में पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती। संवाद - फोटो : Samvad
विज्ञापन
- पीडीपी अध्यक्ष बोलीं-आम जनता को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
शोपियां। पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शोपियां में कथ बात जनसंपर्क कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कश्मीरी मुसलमानों को धीरे-धीरे सरकारी संस्थानों और प्रशासनिक व्यवस्था से अलग किया जा रहा है जिससे लोगों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष शोपियां एजाज अहमद मीर, विधायक पुलवामा वहीद उर रहमान पारा, पार्टी प्रवक्ता मोहित भान, और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता तथा कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।
विज्ञापन


महबूबा मुफ्ती ने नशीले पदार्थों के तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का समर्थन किया और कहा कि नशीले पदार्थों के व्यापार में शामिल लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए जाने चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि घरेलू उपयोग के लिए पोस्त के छिलके रखने वाले आम लोगों को पुलिस कार्रवाई का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।

जम्मू-कश्मीर की मौजूदा स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों और प्रशासन में कश्मीरी मुसलमानों का प्रतिनिधित्व न के बराबर रह गया है। उनके अनुसार, सरकारी विभागों के उच्च और निम्न, दोनों स्तरों पर स्थानीय मुस्लिम कर्मचारियों की कमी से जनता की शिकायतें और मुश्किलें बढ़ रही हैं।
विज्ञापन


राहुल गांधी के हालिया बयान का हवाला देते हुए महबूबा ने आरोप लगाया कि 2014 से, भारतीय जनता पार्टी ने हर असहमति की आवाज को राष्ट्र-विरोधी माना है। उन्होंने आगे दावा किया कि पूरे देश में मुसलमानों को परेशान किया जा रहा है और उनके घरों को बुलडोजर से ढहाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कथ बात कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों के साथ सीधा संपर्क स्थापित करना और उनकी चिंताओं तथा मुद्दों को करीब से समझना है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें