श्रीनगर। पीडीपी की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को दावा किया कि पुलिस ने उन्हें पुलवामा जाने से पहले ही घर में नजरबंद कर दिया।
उन्होंने ट्विटर पर किए गए ट्वीट में लिखा कि कथित फर्जी मुठभेड़ में मारे गए अथर मुश्ताक के परिवार के पास जाने की कोशिश के तहत हमेशा की तरह उन्हें घर में नजरबंद रखा गया। उसके पिता पर बेटे का शव मांगने के लिए यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह सामान्य स्थिति भारत यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल को कश्मीर के दौरे के दौरान दिखाना चाहता है। महबूबा ने ट्विटर पर एक वीडियो भी अपलोड किया है, जिसमें वह वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों से सवाल कर रही हैं।
वहीं एक अन्य ट्वीट में महबूबा ने लिखा कि कश्मीर में दमन और आतंक का यह शासन अलौकिक और असत्य सत्य है, जिसे भारत सरकार देश के बाकी हिस्सों से छिपाना चाहती है। एक 16 साल का बच्चा मारा जाता है और फिर जल्दी से उसे दफनाया जाता है। परिवार को अंतिम संस्कार करने के अधिकार से वंचित रखा जाता है।