इल्तिजा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर कहा कि शहीद दिवस की पूर्व संध्या पर उन्हें और उनकी मां को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने नजरबंद कर दिया है। उन्होंने लिखा कि उन्हें नजरबंद किए जाने का कारण पुलिस ही बेहतर बता सकती है।
13 जुलाई को जम्मू-कश्मीर में शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता था। यह दिन 1931 में श्रीनगर सेंट्रल जेल के बाहर डोगरा सेना की गोलीबारी में मारे गए 22 लोगों की याद में मनाया जाता है।
हालांकि, 2020 में उपराज्यपाल प्रशासन ने 13 जुलाई को मिलने वाली राजपत्रित अवकाश की सूची से हटा दिया था। इसके बाद से इस दिन को लेकर जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक बहस भी होती रही है।