महबूबा मुफ्ती ने एसाइआर के संशोधित फॉर्म-6 पर सीजेआई सूर्यकांत की टिप्पणी के बाद न्यायपालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अदालत में सुनवाई के दौरान की गई टिप्पणियों और अंतिम फैसलों में अक्सर अंतर दिखाई देता है।
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट की कार्यप्रणाली को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में न्यायपालिका ने कई ऐसे मामलों को सामान्य बना दिया है जिन्हें अदालत की अवमानना की श्रेणी में रखा जा सकता है।
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महबूबा ने यह टिप्पणी मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की उस टिप्पणी के बाद की जिसमें उन्होंने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसाइआर) के लिए निर्वाचन आयोग के संशोधित फॉर्म-6 को मंजूरी नहीं दी है।
महबूबा ने सोशल मीडिया पर कहा कि अदालत में सुनवाई के दौरान कई बार बड़ी और महत्वपूर्ण टिप्पणियां की जाती हैं, लेकिन जब फैसला सुनाने का समय आता है तो उसका नतीजा उन टिप्पणियों से अलग दिखाई देता है।