पीडीपी प्रमुख मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने रविवार को पाकिस्तान के साथ संवाद और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने की वकालत करते हुए कहा कि कश्मीर समस्या का समाधान बातचीत से ही संभव है। उन्होंने आरएसएस के वरिष्ठ नेता दत्तात्रेय होसबाले के उस बयान का समर्थन किया जिसमें उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच लोगों के स्तर पर संपर्क बढ़ाने और संवाद जारी रखने की बात कही थी।
श्रीनगर में पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित करते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि कश्मीर का समाधान संविधान के दायरे में रहकर और बातचीत के जरिए निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि पीडीपी हमेशा से संवाद और शांतिपूर्ण समाधान की पक्षधर रही है।
महबूबा ने कहा कि उनके पिता और पीडीपी संस्थापक मुफ्ती मोहम्मद सईद भी आखिरी समय तक यही कहते रहे कि कश्मीर से जुड़े रास्तों को पाकिस्तान, चीन और मध्य एशिया तक खोला जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि यदि वे इतिहास में अपनी अलग पहचान बनाना चाहते हैं तो कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए पाकिस्तान को भी प्रक्रिया में शामिल करें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 2016 में लाहौर का दौरा कर पहल की थी, लेकिन बाद में पठानकोट हमला हुआ। महबूबा ने कहा कि भारत की ओर से बढ़ाए गए हाथ का पाकिस्तान को भी सकारात्मक जवाब देना होगा।
पीडीपी प्रमुख ने यह भी कहा कि दिल्ली को कश्मीर के लोगों की आवाज सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल विकास कार्यों से समस्या का समाधान नहीं होगा बल्कि स्थायी शांति के लिए बातचीत जरूरी है।
ईद से पहले राजनीतिक बंदियों की रिहाई की मांग करते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि यह कदम विश्वास बहाली और कश्मीर के लोगों के जख्मों को भरने की दिशा में अहम संदेश देगा। प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने भी हाल ही में दत्तात्रेय होसबाले के बयान का समर्थन करते हुए कहा था कि भारत और पाकिस्तान के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाना जरूरी है, क्योंकि आम लोगों का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं होता।