उपराज्यपाल के साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक नलिन प्रभात, आईजी वीके बर्डी और बडगाम के डिप्टी कमिश्नर अथर आमिर खान भी मौजूद रहे। एलजी ने शहीद के परिवार से बातचीत कर उन्हें सांत्वना दी और कहा कि प्रशासन हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा है।
मनोज सिन्हा ने आशिक हुसैन कुरैशी के बलिदान को नमन करते हुए कहा कि देश को उनकी वीरता, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण पर गर्व है। उन्होंने कहा कि शहीद का साहस और सेवा भावना आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी।
उपराज्यपाल ने परिवार को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी हर जरूरत का ध्यान रखेगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि बलिदानी के बेटे की पढ़ाई पूरी होने और पात्रता हासिल करने तक प्रशासन पूरा सहयोग करेगा, ताकि उसे अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी मिल सके।
22 जुलाई 2026 को हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी अमरनाथ यात्रा ड्यूटी पर तैनात थे। बुधवार को अनंतनाग के लाल चौक इलाके में आतंकियों ने उन्हें निशाना बनाकर गोली मार दी थी, जिसमें उनकी मौत हो गई। इस हमले के बाद सुरक्षाबलों ने बड़े पैमाने पर आतंकवाद विरोधी अभियान शुरू किया है और कई संदिग्ध ओवरग्राउंड वर्करों को हिरासत में लिया गया है। उपराज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सुरक्षाबल और प्रशासन जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद के नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।