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J&K: स्कूलों में विवादित किताब पहुंचने के मामले में आठ शिक्षा अधिकारी निलंबित, जांच के आदेश; छापामारी जारी

Sun, 05 Jul 2026 01:47 AM IST
Nikita Gupta अमर उजाला, नेटवर्क श्रीनगर

सार

जम्मू-कश्मीर में सरकारी स्कूलों की लाइब्रेरी के लिए खरीदी गई कुछ पुस्तकों में अलगाववादी सामग्री मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने बड़ा एक्शन लेते हुए 8 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है और एक संविदा कर्मचारी की सेवाएं समाप्त कर दी हैं।
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एलजी मनोज सिन्हा - फोटो : @OfficeOfLGJandK
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सरकारी स्कूलों की लाइब्रेरी के लिए खरीदी गई दो पुस्तकों में अलगाववाद से जुड़ी सामग्री पाए जाने के बाद बड़ी कार्रवाई की है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के निर्देश पर स्कूल शिक्षा विभाग ने आठ शिक्षा अधिकारियों को निलंबित कर दिया है और एक संविदा कर्मचारी की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। साथ ही मामले की विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने शनिवार को दो विवादित प्रकाशनों में अलगाववादियों का कथित तौर पर महिमामंडन करने के मामले में FIR दर्ज की और छापेमारी शुरू कर दी है।

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सरकारी आदेश के अनुसार, समग्र शिक्षा योजना के तहत 1,832 सरकारी स्कूलों और 394 पीएम श्री स्कूलों के लिए पुस्तकें खरीदी गई थीं। इसके लिए एजुकेशन ऑफ इंडिया (ईओआई) के तहत प्रक्रिया अपनाई गई थी। चार विशेषज्ञ उप-समितियों ने मिलकर कुल 463 पुस्तकों का चयन किया था, जिन्हें 364 प्रकाशकों ने प्रस्तुत किया था।

हालांकि, प्रशासन ने बाद में दो पुस्तकों को वापस लेने का आदेश जारी किया। इनमें 'Personalities and Legends of J&K' (लेखक डॉ. हिलाल अहमद और संतोष मीना, प्रकाशक ओबेरॉय बुक सर्विस, जम्मू) और 'Great Personalities of Jammu and Kashmir' (लेखक डॉ. सुशांत गिरी, प्रकाशक ऑरोरा प्रकाशन, दिल्ली) शामिल हैं।

आदेश में बताया गया कि इन पुस्तकों की कुल 123 और 128 प्रतियां जम्मू, रामबन, उधमपुर और बारामुला जिलों के स्कूलों में भेजी गई थीं। जांच में पाया गया कि इन पुस्तकों में आपत्तिजनक सामग्री थी, जो अलगाववाद से जुड़ी हो सकती है।

प्रशासन ने कहा कि चयन प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही और उचित जांच नहीं की गई, जिससे ऐसी सामग्री वाली किताबें स्कूलों तक पहुंच गईं। इसे सरकारी कर्मचारियों की गंभीर चूक माना गया है।

निलंबित अधिकारियों में समग्र शिक्षा के कोऑर्डिनेटर लाइब्रेरी, असिस्टेंट कोऑर्डिनेटर, विभिन्न जिलों के प्रिंसिपल और लेक्चरर सहित कुल आठ अधिकारी शामिल हैं। सभी को निलंबन अवधि में प्रशासनिक विभाग से संबद्ध रखा जाएगा।

इसके अलावा एक संविदा कंप्यूटर सहायक को तत्काल प्रभाव से सेवा से हटा दिया गया है। प्रशासन ने संबंधित लेखकों और प्रकाशकों को भी ब्लैकलिस्ट कर दिया है और उनके द्वारा प्रकाशित सभी सामग्री को केंद्र शासित प्रदेश से वापस लेने के निर्देश दिए हैं।

मामले की जांच के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अश्वनी कुमार को जांच अधिकारी और जेकेएएस अधिकारी रोहित शर्मा को प्रस्तुतिकरण अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच रिपोर्ट 30 दिनों के भीतर सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
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