जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को श्रीनगर में आतंकवाद पीड़ितों के 27 परिवारों के परिजनों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर उपराज्यपाल ने कहा कि उनका संकल्प है कि प्रत्येक आतंक पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए और लंबित मामलों की निष्पक्ष जांच कर अपराधियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
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उपराज्यपाल ने यह भी स्पष्ट किया कि आतंक प्रभावित परिवारों से जबरन छीनी गई जमीन और घरों को वापस दिलाया जाएगा और जिन मामलों की जांच अभी शेष है, उन्हें पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने अन्याय के अंधकार को दूर कर आतंक पीड़ित परिवारों के दरवाजे पर न्याय की नई सुबह लाने में सफलता प्राप्त की है।
उपराज्यपाल ने बताया कि अब तक लगभग 400 परिवारों को रोजगार प्रदान किया जा चुका है और प्रशासन अंतिम परिवार तक न्याय पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि दशकों से गरीब और असहाय परिवार न्याय की उम्मीद लिए हुए थे और पिछले साल बारामुला से शुरू किए गए इस अभियान ने इन परिवारों को समर्थन, साहस और विश्वास प्रदान किया है।
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इस प्रक्रिया के दौरान मेरा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी आतंक पीड़ित परिवार नजरअंदाज न हो और सार्वजनिक या प्रशासनिक दृष्टि से अदृश्य न रह जाए।