उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को जम्मू कश्मीर ने पिछले 30 वर्ष से झेला है, लेकिन सीमा पार से समर्थन पा रहे आतंकवाद के पारिस्थितिकीतंत्र को अलग थलग कर दिया गया है। आपसी सौहार्द्र में विश्वास रखने वाले सभी धर्म के लोगों ने इसका दर्द झेला है।
जम्मू-कश्मीर एक नए युग का गवाह बन रहा है, जिसने विकास और शांति की असीम संभावनाएं के द्वार खोल दिए हैं। अब विदेशी निवेश भी जम्मू-कश्मीर में आ रहा है। प्रदेश की जनता बेहतर कल की ओर बढ़ रही है। वह जी20 पर्यटन कार्य समूह की तीन दिवसीय तीसरी बैठक के दूसरे दिन यहां शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) में मंगलवार को बोल रहे थे।
उपराज्यपाल ने कहा कि कश्मीर में जी20 बैठक की पहल भारत के संकल्प को प्रदर्शित करती है कि जम्मू कश्मीर को भी बाकी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तरह लोकतंत्र के गुणों का लाभ मिलना चाहिए। जम्मू-कश्मीर हमेशा ज्ञान, शिक्षा, समावेशी संस्कृति और लुभावने परिदृश्य का केंद्र रहा है जो यात्रियों को हमेशा सुखद अहसास दिलाता रहा है। मशहूर शायर अमीर खुसरो ने जम्मू-कश्मीर के प्राकृतिक सौन्दर्य का वर्णन करते हुए कहा था- अगर धरती पर कहीं जन्नत है, तो यहीं है, यहीं हैं, यहीं हैं।
जमीनी लोकतंत्र मजबूत हुआ, नए उद्योग आ रहे
उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू कश्मीर में जमीनी लोकतंत्र मजबूत हुआ है। नए उद्योग आ रहे हैं। कृषि का तेजी से विकास गांवों को समृद्ध बना रहा है। उच्च शिक्षा में नए संस्थान खुल गए हैं। युवाओं को उद्योग 4.0 प्रौद्योगिकियों के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। 1.88 करोड़ पर्यटकों की एक रिकॉर्ड संख्या ने जम्मू कश्मीर का दौरा किया और पिछले साल पर्यटन क्षेत्र ने सात फीसदी योगदान दिया।