लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने उभरते व्हाइट-कॉलर आतंकी मॉड्यूल्स से निपटने के लिए तकनीक-आधारित पुलिसिंग, उन्नत खुफिया तंत्र और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कट्टरपंथीकरण पर रोक लगाने के लिए समुदाय से जुड़ाव, जागरूकता अभियानों और शुरुआती हस्तक्षेप को प्राथमिकता देने की सलाह दी।
लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने व्हाइट-कॉलर आतंकी मॉड्यूल्स के बढ़ते खतरे को देखते हुए मजबूत और प्रौद्योगिकी-आधारित पुलिसिंग ढांचे की आवश्यकता पर जोर दिया है।
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चोगलामसर स्थित सीआईबीएस ऑडिटोरियम हॉल में लद्दाख पुलिस की ओर से आयोजित डीजीपी आईजीपी कॉन्फ्रेंस की सिफारिशों के प्रसार और क्रियान्वयन पर दो दिवसीय राज्य केंद्रशासित प्रदेश स्तरीय सम्मेलन के समापन सत्र करवाया। उन्होंने कहा कि व्हाइट-कॉलर आतंकी मॉड्यूल एक उभरती हुई सुरक्षा चुनौती है जिनसे निपटने के लिए उन्नत खुफिया-संग्रह, वित्तीय लेन-देन की निगरानी, साइबर सतर्कता और एजेंसियों के बीच सुचारु समन्वय आवश्यक है।
उन्होंने आधुनिक जांच पद्धतियों, उन्नत प्रशिक्षण और डेटा-आधारित निर्णय लेने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया। उपराज्यपाल ने बढ़ती कट्टरपंथीकरण की चुनौती पर भी चिंता जताई और पुलिस को समुदाय से जुड़ने, जागरूकता अभियानों, शिक्षण-संस्थानों में पहुंच और शुरुआती हस्तक्षेप के उपायों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उपराज्यपाल ने विश्वास जताया कि लद्दाख पुलिस एक आधुनिक, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बल के रूप में विकसित होगी और देश के लिए एक आदर्श मॉडल बनेगी।