संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक 170 दिन हिरासत में रहने के बाद जेल से रिहा हो गए। इससे उनके परिवार और समर्थकों ने राहत की सांस ली है। उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो ने पुष्टि की कि उन्होंने 14 मार्च को जेल अधीक्षक को अंतिम पत्र लिखकर उनसे मिलने और वांगचुक को उनकी रिहाई की जानकारी देने की अनुमति मांगी थी।
जोधपुर के लोगों की ओर से इस कठिन समय में मिले समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हुए आंगमो ने पिछले छह महीनों को एक भावनात्मक परीक्षा बताया। वह हर सप्ताह दो बार जेल जाती थीं, जहां वांगचुक से उनकी मुलाकात केवल 60 मिनट के लिए ही संभव हो पाती थी। उन्होंने कहा, काफी समय बाद हमने खुलकर बातचीत की। बिना हर कुछ मिनट में घड़ी की ओर देखे ताकि जेल में मिलने के उस सीमित एक घंटे का पूरा उपयोग कर सकें।
रिहाई के बाद वांगचुक को पारिवारिक चिकित्सक की कड़ी सलाह पर विस्तृत स्वास्थ्य जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया। वह अगले 36 घंटे तक एक प्रतिष्ठित अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी में रहेंगे। परिवार के सदस्यों और शुभचिंतकों ने इस लंबे और तनावपूर्ण दौर के समाप्त होने पर राहत और खुशी जताई है।