लद्दाख में देशभक्ति के उत्साह के साथ मनाया 77वां गणतंत्र दिवस
संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। भारत का 77वां गणतंत्र दिवस लद्दाख भर में अत्यंत गर्व, देशभक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। मुख्य समारोह लेह के ऐतिहासिक पोलो ग्राउंड में बर्फ से ढके पहाड़ों की भव्य पृष्ठभूमि में आयोजित किया गया।
समारोह का नेतृत्व लद्दाख के उपराज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने किया। उन्होंने राष्ट्रीय तिरंगा फहराया, परेड टुकड़ियों का निरीक्षण किया और सलामी ली। अपने संबोधन में उपराज्यपाल ने लद्दाख के लोगों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लद्दाख की चोटियों और सियाचिन ग्लेशियर पर लहराता तिरंगा संविधान में निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के आदर्शों का प्रतीक है।
अपने भाषण में उपराज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हुए परिवर्तनकारी कार्यों का उल्लेख किया। इनमें भारत का दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना, यूपीआई और जैम त्रिमूर्ति के माध्यम से डिजिटल सुधार, जीएसटी, अनुच्छेद 370 का निरस्तीकरण, प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाएं, बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट, चंद्रयान-3 और आदित्य-एल1 जैसे अंतरिक्ष मिशन तथा वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों पर विशेष ध्यान शामिल है।
लद्दाख के सामरिक और सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख करते हुए उपराज्यपाल ने यहां के लोगों की देशभक्ति की सराहना की। उन्होंने कहा कि जुलाई 2025 में पदभार संभालने के बाद से वे दूर-दराज और सीमावर्ती इलाकों का व्यापक दौरा कर चुके हैं, ताकि स्थानीय आवश्यकताओं को समझा जा सके और जमीनी स्तर पर शासन को मजबूत किया जा सके। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, युवा विकास, सतत पर्यटन, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वच्छता, शीतकालीन खेलों के प्रोत्साहन और डिजिटल गवर्नेंस में हुई प्रगति पर भी प्रकाश डाला और केंद्र शासित प्रदेश के लिए समावेशी एवं सतत विकास की परिकल्पना प्रस्तुत की।
उपराज्यपाल ने श्रेष्ठ मार्चिंग टुकड़ियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के विजेताओं को सम्मानित भी किया। मार्च पास्ट श्रेणी में जाफरिया एकेडमी ऑफ मॉडर्न एजुकेशन, कारगिल ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि गवर्नमेंट गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल, लेह और सिंध पब्लिक स्कूल, लेह क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में महाबोधि रेजिडेंशियल स्कूल, चोगलामसर ने प्रथम पुरस्कार जीता, जबकि लामडोन मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, लेह और लद्दाख पब्लिक स्कूल, लेह ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया। लद्दाख के विकास में उल्लेखनीय योगदान के लिए एलजी गोल्ड मेडल, राज्य पुरस्कार और जिला पुरस्कार विजेताओं के नामों की भी घोषणा की गई।
इससे पूर्व उपराज्यपाल ने सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, लद्दाख पुलिस (पुरुष एवं महिला), एनसीसी कैडेट्स, पूर्व सैनिकों और स्कूल टुकड़ियों की परेड की सलामी ली। लद्दाख स्काउट्स और पुलिस बैंड के साथ-साथ लद्दाख अकादमी ऑफ आर्ट, कल्चर एंड लैंग्वेजेज के कलाकारों एवं छात्रों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह को रंगारंग बनाया।
शेख आदिल (जेकेपीएस) को देश के सबसे ऊंचे गणतंत्र दिवस परेड स्थल पर प्रतिकूल मौसम के बावजूद उत्कृष्ट परेड कमांड के लिए उपराज्यपाल द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
गणतंत्र दिवस समारोह लद्दाख के सभी उप-मंडलों और ब्लॉकों में भी आयोजित किए गए। जिला न्यायालय परिसर, लेह में प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज स्पालज़ेस आंगमो ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसी प्रकार उपायुक्त लेह, रोमिल सिंह डोंक ने एलएएचडीसी लेह सचिवालय और उपायुक्त कार्यालय, लेह में तिरंगा फहराया।
कारगिल में भी बियामाथांग में 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया गया, जहां एलएएचडीसी कारगिल के चेयरमैन डॉ. मोहम्मद जाफर अखून ने सार्वजनिक प्रतिनिधियों, धार्मिक नेताओं, सेना के अधिकारियों, छात्रों और बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति में राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
इन व्यापक आयोजनों ने लद्दाख की गहरी देशभक्ति, एकता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाया और 77वें गणतंत्र दिवस को पूरे केंद्र शासित प्रदेश में एक स्मरणीय और प्रेरणादायक अवसर बना दिया।