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Srinagar News: शांति, करुणा एवं समावेशी विकास का दिया संदेश

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नववर्ष 2026 पर उपराज्यपाल लद्दाख ने मैत्री जेरियाट्रिक होम का दौरा किया, स्रोत – सूचना विभाग - फोटो : katra news
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नववर्ष पर लद्दाख के उपराज्यपाल ने हेमिस मठ और मैत्री जेरियाट्रिक होम का किया दौरा
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संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। नववर्ष के शुभारंभ के अवसर पर लद्दाख के उपराज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने प्रसिद्ध हेमिस मठ का दौरा किया। उन्होंने चोगलामसर स्थित महाबोधि अंतरराष्ट्रीय ध्यान केंद्र के देवाचन परिसर में स्थापित मैत्री जेरियाट्रिक होम का भी भ्रमण किया। इस अवसर पर प्रार्थनाएं की गईं। वरिष्ठ नागरिकों से संवाद हुआ। शांति, करुणा एवं समावेशी विकास का संदेश दिया गया।

वर्ष 1630 में तैक्सांग रास्पा नावांग ग्यात्सो की ओर से स्थापित हेमिस मठ में उपराज्यपाल का वंदनीय नावांग जिग्मेत एवं सचिव डॉ. ईशे नामग्याल ने गर्मजोशी से स्वागत किया। एलजी ने पूजा कक्षों का दर्शन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। डॉ. नामग्याल और वंदनीय नावांग जिग्मेत ने उपराज्यपाल को मठ की गतिविधियों की जानकारी दी जो परम पावन ग्यालवांग ड्रुकपा के नेतृत्व में संचालित है।
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उन्होंने नरोपा फेलोशिप, ड्रुक पद्मा कारपो स्कूल तथा ‘लिव टू रेस्क्यू’ एनिमल शेल्टर जैसी पहलों के बारे में भी अवगत कराया। इस अवसर पर उन्होंने हेमिस मठ के स्वामित्व वाली भूमि पर लद्दाख के मरीजों के लिए विशेष रूप से श्रीनगर में एक सराय के निर्माण हेतु उपराज्यपाल से हस्तक्षेप का अनुरोध किया।

हेमिस मठ में उपराज्यपाल ने लद्दाख और उसके लोगों की शांति, समृद्धि और समग्र विकास के लिए प्रार्थना की। भिक्षुओं और श्रद्धालुओं से संवाद करते हुए उन्होंने लद्दाख की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत और सद्भाव, सजगता तथा सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों के प्रसार में इसकी भूमिका को रेखांकित किया।

उपराज्यपाल ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन पवित्र बुद्ध अवशेषों को सार्वजनिक दर्शन के लिए लद्दाख लाने के लिए गंभीर प्रयास कर रहा है, जिससे क्षेत्र के श्रद्धालुओं और लोगों को आध्यात्मिक प्रेरणा प्राप्त हो सके और लद्दाख की पहचान विश्व स्तर पर बौद्ध धर्म और शांति के केंद्र के रूप में और सुदृढ़ हो। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल गहन आध्यात्मिक महत्व रखेगी, बल्कि सांस्कृतिक पर्यटन और अंतर-धार्मिक समझ को भी बढ़ावा देगी।

उपराज्यपाल ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन प्राचीन मठों के संरक्षण, सुरक्षा और समग्र विकास के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है ताकि उनकी समृद्ध विरासत का संरक्षण, पारंपरिक कला एवं वास्तुकला का संवर्धन तथा इन आध्यात्मिक संस्थानों को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सके।

इसके पश्चात उपराज्यपाल ने मैत्री जेरियाट्रिक होम का दौरा किया। यहां लद्दाख के विभिन्न क्षेत्रों से आए 40 वरिष्ठ नागरिकों को देखभाल, भोजन और निशुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है। महाबोधि अंतरराष्ट्रीय ध्यान केंद्र के संस्थापक वंदनीय संघसेना ने उन्हें समाज न्याय मंत्रालय द्वारा वित्तपोषित सबू में 50 क्षमता वाले वृद्धाश्रम को संयुक्त रूप से संचालित करने के केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के प्रस्ताव की जानकारी दी तथा हीटिंग और पेयजल सुविधाएं उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। उन्होंने उपराज्यपाल को भगवद् गीता की एक प्रति भी भेंट की।

उपराज्यपाल ने वृद्धाश्रम के निवासियों के साथ समय बिताया और वरिष्ठ नागरिकों के साथ नववर्ष मनाया। उन्होंने बुजुर्ग निवासियों से आत्मीय संवाद किया व नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। सभा को संबोधित करते हुए कविंद्र गुप्ता ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज की नींव हैं जिनके पास ऐसा ज्ञान, मूल्य और जीवन अनुभव है जो आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करता है। उन्होंने बुजुर्गों के कल्याण, स्वास्थ्य देखभाल, सामाजिक सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई।
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उपराज्यपाल ने लद्दाख के युवाओं से भी अपील की कि वे वरिष्ठ नागरिकों के साथ समय बिताएं। उनके अनुभवों से सीखें और एक करुणामय तथा समावेशी समाज के निर्माण में योगदान दें। इस अवसर पर उन्होंने वृद्धाश्रम के निवासियों के बीच कंबल और फल भी वितरित किए तथा देखभाल करने वाले कर्मचारियों को उनकी निस्वार्थ सेवा के लिए धन्यवाद दिया।
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