संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। लद्दाख के उपराज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने लोक निवास में उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए केंद्र शासित प्रदेश में महात्मा बुद्ध के पवित्र अवशेषों की प्रस्तावित प्रदर्शनी की तैयारियों की समीक्षा की। मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने जानकारी दी कि अवशेष 28-29 अप्रैल को लेह पहुंचने की संभावना है।
1 मई को भव्य औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित किया जाएगा। अवशेषों को लगभग 15 दिनों तक जीवेस्तल में सार्वजनिक दर्शन हेतु रखा जाएगा जिससे लद्दाख भर से श्रद्धालु दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे। अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए परिवहन सुविधाओं सहित आवश्यक व्यवस्थाएं और समन्वय बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
बैठक में अनेक वरिष्ठ आध्यात्मिक नेताओं एवं रिनपोछे ने भाग लिया। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था, प्रभावी भीड़ प्रबंधन, बहुभाषी सूचना प्रसार, सामूहिक प्रार्थनाएं तथा अंतरराष्ट्रीय सहभागिता सुनिश्चित करने जैसे सुझाव दिए ताकि कार्यक्रम की आध्यात्मिक गरिमा और बढ़ाई जा सके।
उपराज्यपाल ने इस प्रदर्शनी को ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सूक्ष्म योजना, उप-समितियों के गठन और विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने सामूहिक प्रार्थनाओं और अंतरधार्मिक गतिविधियों के माध्यम से शांति, एकता और भगवान बुद्ध के उपदेशों के प्रसार पर विशेष बल दिया।
मई माह में बड़ी संख्या में पर्यटकों के आगमन की संभावना को देखते हुए उपराज्यपाल ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे आगंतुकों के बीच पवित्र अवशेषों के महत्व के बारे में व्यापक जागरूकता फैलाएं और सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से सुनिश्चित करें। उन्होंने नागरिकों, स्वयंसेवकों और धार्मिक संस्थाओं से इस आयोजन को ऐतिहासिक और आध्यात्मिक उपलब्धि बनाने के लिए पूर्ण सहयोग और सक्रिय भागीदारी की अपील की।