लद्दाख के उपराज्यपाल ने लेह में प्री-आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इम्पैक्ट समिट 2026 में लिया भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। लद्दाख के उपराज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने लेह में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से आयोजित प्री-आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इम्पैक्ट समिट 2026 में बुधवार को भाग लिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि लद्दाख भारत का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) राज्य बन सकता है और सतत व समावेशी विकास का मॉडल स्थापित कर सकता है।
देशभर से आए प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए गुप्ता ने कहा कि भारत अब तक के सबसे बड़े एआई समिट की मेजबानी नई दिल्ली में कर रहा है। यह समिट विश्वभर के प्रतिष्ठित आईटी और तकनीकी विशेषज्ञों, नवाचारकर्ताओं और पेशेवरों को एक मंच पर ला रहा है जो जिम्मेदार और मानव-केंद्रित एआई के वैश्विक केंद्र के रूप में भारत के उभरने को दर्शाता है। उन्होंने इस समिट को लद्दाख की रणनीति को आगामी राष्ट्रीय एआई समिट, डिजिटल इंडिया के विजन और इंडिया एआई मिशन के साथ जोड़ने का एक महत्वपूर्ण मंच बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल समावेशी विकास और सतत प्रगति के लिए एआई के उपयोग की सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है और भारत के राष्ट्रीय एआई एजेंडे को आकार देने में लद्दाख की भूमिका को मजबूत करती है।
उन्होंने कहा कि तकनीक लोगों की सेवा के लिए होनी चाहिए, न कि लोग तकनीक के लिए। एआई समाधान समाज के सभी वर्गों के जीवन को बेहतर बनाने पर केंद्रित होने चाहिए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सतत पर्यटन, कृषि और पशुपालन, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा व कौशल विकास, ऊर्जा और जल प्रबंधन, आपदा प्रबंधन, बुनियादी ढांचा, सुशासन, नागरिक सेवाएं तथा अंतरिक्ष/खगोल विज्ञान जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक समाधान प्रदान कर सकता है जिससे जीवन स्तर और सेवा पहुंच में सुधार होगा।
उन्होंने कहा कि लद्दाख की ठंडी जलवायु ऊर्जा-कुशल एआई डेटा सेंटर के लिए स्वाभाविक लाभ प्रदान करती है, जबकि सौर, जल, भू-तापीय और हाइड्रोजन जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत उन्नत एआई अवसंरचना को न्यूनतम कार्बन प्रभाव के साथ संचालित कर सकते हैं। मजबूत सड़क नेटवर्क और राष्ट्रीय मिशनों के साथ समन्वित लद्दाख का प्रशासनिक ढांचा व्यवसाय और नवाचार के अनुकूल है।
इससे पहले उपराज्यपाल ने कुशल और पारदर्शी सरकारी सेवाओं तथा सुलभ प्रशासन के लिए ई-सेवा मॉडल और विलेज असेसमेंट मॉड्यूल पोर्टलों का शुभारंभ भी किया।